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लोकसभा चुनाव 2019 : जानें क्यों नहीं बताई कैग रिपोर्ट में राफेल की कीमत

इस साल के शीतकालीन सत्र के दौरान राफेल रक्षा सौदे की कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की गई। जिसमें राफेल से जुड़ी हर जानकारी दी गई लेकिन विमानों की कीमत नहीं बताई गई।

लोकसभा चुनाव 2019 : जानें क्यों नहीं बताई कैग रिपोर्ट में राफेल की कीमत
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इस साल के शीतकालीन सत्र (Winter Session 2019) के दौरान राफेल रक्षा सौदे की कैग (CAG) (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट रिपोर्ट राज्यसभा (Rajya sabha ) में पेश की गई। जिसमें राफेल (Rafale) से जुड़ी हर जानकारी दी गई लेकिन विमानों की कीमत नहीं बताई गई। राज्यसभा में पेश की गई रिपोर्ट में सरकार ने राफेल विमान की कीमत यूपीए सरकार के वक्त हुई कीमत को कम बाताया।
रिपोर्ट में कहा गया कि 26 विमान सौदों की तुलना में 36 विमान सौदे के दौरान 17.08 फीसदी धन की बचत हुई। वहीं इस रिपोर्ट में सरकार ने सभी मदों के बारे में बताया कि कौन सा पैसा कहा कहां लगाया गया। मोदी सरकार ने फ्रांस से हुए करार में 2.8 फीसदी सस्ते विमान खरीदे हैं जो कि यूपीए सरकार से सस्ते हैं।
कैग में कहा गया कि जब साल 2016 में 36 राफेल लड़ाकू जेट विमानों के लिए सौदा किया गया था। उसी वक्त इन प्रस्तावों को कम कीमत में खरीदने का प्रस्ताव भी रखा गया। कैग में यह भी कहा गया कि खरीद सौदे के दौरान एएनक्यूआर को बार बार बदला गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि साल 2015 में रक्षा मंत्रालय की एक टीम ने 126 राफेल सौदे को रद्द करने की सिफारिश की थी।
इसके पीछे कारण बताया गया कि डसॉल्ट एविएशन सबसे कम बोली लगाने वाला नहीं था। ऐसे में इस डील को रद्द कर नई डील की गई। यूपीए के 126 विमान डील को रद्द करने पर कहा कि रक्षा मंत्रालय की टीम ने डसॉल्ट एविएशन से मिली और तकनीकी मूल्यांकन चरण को खारिज कर दिया। क्योंकि ये आरएफपी आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं था। जिसकी वजह से मोदी सरकार ने इस डील को रद्द कर दिया।
कैग में यह भी कहा कि ईएडीएस (यूरोपियन एरोनॉटिकल डिफेंस एंड स्पेस कंपनी) टेंडर आवश्यकता के मुताबिक खरा नहीं उतरा। इसके बाद फिर से दोबारा बोली लगी और 36 विमान खरीदे जाने की नई डील पर साइन हुए।
कैग रिपोर्ट पेश होने के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने इस सत्य की जीत बताया और कहा कि कैग रिपोर्ट से पूरी सच्चाई सामने आ गई। ट्वीट कर लिखा कि सत्यमेव जयते.... महाझूठबंधन इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद एक्सपोज हो चुका है। राफेल डील को लेकर पीएम ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि अगर राफेल में गड़बड़ हुई है तो साबूत दें। ऐसे आरोप ना लगाएं। कैग रिपोर्ट में राफेल ही नहीं भारतीय वायुसेना की कई डीलों के बारे में जानकारी संसद में साझा की गई। लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस के आरोप कम नहीं हुए। कांग्रेस ने इस रिपोर्ट के बाद कहा कि विमान की कीमतों को अब भी छुपाया गया।

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