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लोकसभा चुनाव 2019 : भाजपा को गढ़ और कांग्रेस को जनसमर्थन बचाने की चुनौती

लोकसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में बिछी बिसात साफ बयानी कर रही है कि 2019 का लोकसभा चुनाव राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस व मुख्य विपक्ष भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

लोकसभा चुनाव 2019 : भाजपा को गढ़ और कांग्रेस को जनसमर्थन बचाने की चुनौती

लोकसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में बिछी बिसात साफ बयानी कर रही है कि 2019 का लोकसभा चुनाव राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस व मुख्य विपक्ष भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। खास बात ये है कि एक दशक के बाद ये मौका पहली बार आया है कि राज्य में भाजपा को अपना गढ़ बचाने की चुनौती है।

पिछले दो चुनावों में भाजपा ने राज्य की 11 में 10 सीटें जीतकर जो स्थान हासिल किया था, बदले हुए सियासी माहौल में उसे बरकरार रखने से लेकर बचाए रखना पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर कांग्रेस जो 2018 के विधानसभा चुनाव में विराट बहुमत के साथ राज्य की सत्ता में वापसी करने में सफल हुई है, उसे विधानसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन बनाए रखने की भी चुनौती है।

लोकसभा चुनाव की आचार संहित लगने के बाद अब राज्य में सियासी गतिविधियां तेज होने का समय आ गया है। हालांकि राज्य में कांग्रेस-भाजपा सहित अन्य दल पिछले कुछ समय से लोकसभा की तैयारियों में जुट रहे थे, लेकिन अब चुनाव की रणभेरी बजते ही सभी चुनावी योद्धा जंग के लिए मैदान में कूदने को बेताब हैं।

राज्य में 2009 व 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव में राज्य की सत्ताधारी रही भाजपा ने जमकर ताकत दिखाई थी। इन चुनावों में भाजपा को 11 में से 10 सीटें मिली थीं। दोनों चुनाव में कांग्रेस को केवल एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा था, लेकिन इस बार के चुनाव में तस्वीर बदली हुई है। कांग्रेस राज्य की सत्ता में है और भाजपा राज्य में मुख्य विपक्ष की भूमिका में है।

जाहिर है ऐसे में दोनों दलों के सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां हैं, लेकिन इसके साथ ही दोनों प्रमुख दलों के पास अपनी-अपनी ताकत व कमजोरियां हैं। आने वाले दिनों में चुनावी माहौल बनने के बाद साफ होगा कि जनमत का झुकाव किस दल की ओर हो रहा है।

राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव पूरी तरह से विधानसभा चुनाव से अलग है, ऐसे में साफ तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि 2018 के विधानसभा चुनाव जैसा माहौल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी होगा।

कांग्रेस की ताकत व कमजोरी

कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत ये है कि पार्टी इस बार राज्य की सत्ता में है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जनता से जो बड़े वादे किए थे उन्हें पूरा किया गया है, या पूरा करने का भरोसा कायम है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव प्रचंड मतों से जीता है। सरकार में आने के बाद कांग्रेस ने राज्य के बेलगाम अफसरशाही पर नियंत्रण किया है।

पार्टी यह संदेश देने में अब तक सफल है कि वह किसानों, बेरोजगारों, युवाओं के हक में कदम उठाएगी। इसके साथ ही कांग्रेस की कुछ कमजोरियां भी है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ विधानसभा चुनाव जैसी एंटी इनकमबेंसी नहीं है। केंद्र में जो माहौल बना है, वह भाजपा के पक्ष में है। भाजपा के पास राष्ट्रीय स्तर पर मोदी जैसा चेहरा है, कांग्रेस के पास नहीं।

भाजपा की ताकत व कमजोरी

भाजपा की पास अब ये ताकत है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ताओं का जो गुस्सा था, वह समाप्त हो गया है। हार के बाद पार्टी में कहीं न कहीं सद्भाव बना है। भाजपा के पास राष्ट्रीय स्तर पर मोदी जैसा चेहरा है, कांग्रेस के पास नहीं। एयर स्ट्राइक के बाद भाजपा के पक्ष में देश में बना माहौल फायदेमंद हो सकता है। पार्टी के पास राज्य में मजबूत संगठन है।

भाजपा की कमजोरियों की बात करें तो सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह इस समय राज्य की सत्ता से बाहर है। विधानसभा की हार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा हुआ है, वे मायूस हैं। इसी हार के बाद पार्टी के बड़े नेताओं में सिर फुट्टौवल की नौबत है।

सभी मेहनत करेंगे

लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा का स्वागत करते हुए श्री उसेंडी ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का दिन तय हो गया है और भारतीय जनता पार्टी के देशभर के कार्यकर्ता तैयार हैं फिर से भाजपा की सरकार केंद्र में बनाने के लिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पांच वर्षों में देश का खोया हुआ पुराना गौरव पुन: स्थापित करने में कामयाबी हासिल की है। छत्तीसगढ़ के भाजपा कार्यकर्ता राज्य की सभी 11 सीटों पर परिश्रम की पराकाष्ठा पार कर सभी लोकसभा सीट जीतकर नरेंद्र मोदी को पुन: देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे।

- विक्रम उसेंडी-भाजपा प्रदेशाध्यक्ष

माहौल हमारे पक्ष में

पिछले तीन चुनाव के नतीजे हमारे खिलाफ रहे थे, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा 15 साल राज करने के बाद 15 सीटों पर सिमट गई, भाजपा नेता हताशा में डूबे हुए हैं। केंद्र सरकार की उपलब्धि शून्य रही है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस राज्य की सभी 11 सीटें जीतेगी। सभी नतीजे हमारे पक्ष में आएंगे। छत्तीसगढ़ की जनता ने डॉ. रमन सिंह को नकारा है, लोकसभा चुनाव में इसी प्रकार जनता नरेंद्र मोदी को नकारेगी।

- भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री एवं पीसीसी अध्यक्ष

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