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केरल: लोकसभा में उठा BJP-RSS कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा

केरल में हर महीने संघ और भाजपा से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है।

केरल: लोकसभा में उठा BJP-RSS कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा

केरल में मौजूदा वामपंथी सरकार के प्रश्रय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं की हो रही हत्याओं का मामला बुधवार को लोकसभा में भी गूंजा।

शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो सांसदों प्रहलाद जोशी और मीनाक्षी लेखी ने विषय को उठाते हुए राज्य के कम्युनस्टि शासन की कड़ी आलोचना की और केंद्र सरकार से इस मामले की जांच देश की शीर्ष जांच एजेंसी केंद्रीय जांच एवं अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की।

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सांसदों ने कहा कि इसके बाद ही सच सामने आएगा। इसके विरोध में सदन में सीपीआईएम के केरल से मौजूद सांसदों ने हंगामा किया। मामले की शुरूआत करते हुए कर्नाटक के धारवाड़ से सांसद प्रहलाद जोशी ने कहा कि एक ओर देश में हम असहष्णिुता के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।

दूसरी ओर केरल में मौजूदा सरकार के शय पर दिन-प्रतिदिन राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के नेतृत्व में गठित मौजूदा वामपंथी सरकार को सत्ता संभाले हुए अभी 17 महीने का वक्त हुआ है और इस दौरान सूबे में 17 हत्याएं हो चुकी हैं। कांग्रेस को इस पर शर्मिंदा होना चाहिए।

हर महीने एक हत्या, सीएम के गांव में ज्यादा

केरल में हर महीने संघ और भाजपा से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। इतना ही नहीं बालगोकुलम जो कि बच्चों द्वारा निकाला गया एक जुलूस था। उस पर भी हमला किया गया।

जिसमें कई बच्चे घायल हो गए। कन्नूर जिले में पिनरई नाम का गांव है। पिनरई से केरल के मुख्यमंत्री और सीपीआईएम के राज्य सचिव भी संबंध रखते हैं। इसके बावजूद इस जिले से सबसे ज्यादा हत्याएं हो रही हैं। केरल भाजपा मुख्यालय पर भी पेट्रोल बम से हमला किया गया है।

दूसरी विचारधारा बदार्शत नहीं

इसके बाद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह वह लोग हैं जो लोकतंत्र में लगातार असहष्णिुता की बात जोर-शोर से करते हैं। लेकिन अपने सामने किसी दूसरी विचारधारा के लोगों को बदार्शत नहीं कर सकते हैं।

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मीनाक्षी ने 14 लोगों के नाम सदन को बताए। जिनकी हत्या की गई है। इसी राज्य से आईएसआईएस में सबसे ज्यादा लोग शामिल हो रहे हैं।

सभी दलों के कार्यकर्ता निशाने पर

हत्याओं के मामले में केवल बीजेपी या आरएसएस के कार्यकर्ताओं की हत्या मुद्दा नहीं है। कन्नूर में कांग्रेस के 40 कार्यकर्ताओं को मारा गया, मुस्लिम लीग के 7 और एसडीपीआई के 3 कार्यकर्ताओं को मारा गया है।

लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस खामोश है। जो लोग रोहित वेमुला की आत्महत्या को हत्याकांड बनाना चाहते हैं। उनके राज्य में महिलाओं पर 51 आपराधिक घटनाएं घटी हैं।

इसमें 4 दलित महिलाएं शामिल थीं। यह लोग नहीं चाहते कि देश में कोई दूसरा रामनाथ कोविंद पैदा हो। क्योंकि इनके पोलित ब्यूरो में एक भी दलित नहीं है।

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