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चुनावी बॉण्ड क्या है..? जिसकी वजह से सहमे हैं सभी नेता

चुनाव लड़ने के लिए सभी चुनावी दल कहीं न कहीं से चन्दा लेते हैं। चुनावी चंदा लेने का प्रचलन आज से ही नहीं कई दसकों से है। चुनावी चंदा ज्यादातर लोग काले धन से बचने के लिए राजनीतिक दलों को देते हैं। मोदी सरकार ने चुनावी बॉण्ड का कुछ दिन पहले समर्थन किया था। केन्द्र सरकार के अनुसार चुनावी बॉण्ड के आने से चुनावों में काले धन का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा। इस पर 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों से पूछा है कि किसको कितना चंदा मिला, और कहां से मिला।

चुनावी बॉण्ड क्या है..? जिसकी वजह से सहमे हैं सभी नेता

चुनाव लड़ने के लिए सभी चुनावी दल कहीं न कहीं से चन्दा लेते हैं। चुनावी चंदा लेने का प्रचलन आज से ही नहीं कई दसकों से है। चुनावी चंदा ज्यादातर लोग काले धन से बचने के लिए राजनीतिक दलों को देते हैं। मोदी सरकार ने चुनावी बॉण्ड का कुछ दिन पहले समर्थन किया था। केन्द्र सरकार के अनुसार चुनावी बॉण्ड के आने से चुनावों में काले धन का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा। इस पर 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों से पूछा है कि किसको कितना चंदा मिला, और कहां से मिला।

what is electoral-bond in hindi

  1. भारत का कोई भी नागरिक, संस्था या कंपनी अगर चुनाव में किसी राजनीतिक दल को चंदा देना चाहता है तो बॉण्ड खरिदकर चंदे के रुप में दे सकता है।
  2. चुनावी बॉण्ड 1000 रुपए, दस हजार रुपए, एक लाख रुपए, 10 लाख रुपए व एक करोड़ रुपए के मुल्य में उपलब्ध होगा।
  3. बॉण्ड को केवल चेक व डिजिटल पेमेंट के जरिए ही खरीदा जा सकेगा।
  4. चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल जिसने पिछले चुनाव में कम से कम 1 प्रतिशत मत हासिल किया हो उसे कोई भी दानकर्ता चुनावी बॉण्ड दे सकता है।
  5. चुनावी बॉण्ड देने के लिए दानकर्ता को अपनी सभी जानकारी, बैंक डिटेल्य (KYC) देनी होगी।
  6. चुनावी बॉण्ड खरिदने वाले दानकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
  7. चुनावी बॉण्ड केवल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कुछ शाखाओं से ही खरिदा जा सकता है।
  8. बैंक को भी जानकारी देनी होगी कि किस व्यक्ति या संस्था ने चुनावी बॉण्ड खरीदा।
  9. बॉण्ड खरीदने वाले व्यक्ति या संस्था को इसकी जानकारी अपने बैलेंस शीट में देनी होगी।
  10. चुनावी बॉण्ड्स केवल जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्तूबर के माह में ही खरीदा जा सकेगा।
  11. बॉण्ड की वैधता खरीदे जाने के 15 दिन तक ही मान्य होंगे।
  12. चुनावी बॉण्ड से प्राप्त धन को चुनाव आयोग से बताना भी होगा।

चुनावी बॉण्ड के फायदे

  1. चुनावी बॉण्ड से राजनीतिक दलों को चंदा देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

  2. चुनावी बॉण्ड से काले धन पर रोक लगेगी।

  3. बैंक के पास चंदा देने वाले का पूरा ब्यौरा रहेगा।

  4. जो पार्टी पिछले चुनाव में खराब प्रदर्शन किया था चुनावी बॉण्ड का लाभ नहीं मिलेगा इस तरह बोगस पार्टियां चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।

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