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लोकसभा चुनाव 2019: उत्तर प्रदेश में पहले चरण के चुनाव के लिए कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के लिए प्रचार करने में राजनीतिक दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश के पश्चिमाञ्चल स्थित 8 सीटों पर आगामी 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी।

लोकसभा चुनाव 2019: उत्तर प्रदेश में पहले चरण के चुनाव के लिए कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के लिए प्रचार करने में राजनीतिक दल कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश के पश्चिमाञ्चल स्थित 8 सीटों पर आगामी 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर होगी।

प्रथम चरण में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर सीटों के लिए मतदान होगा। इसमें राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह, उनके बेटे जयंत चौधरी और मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों पूर्व सेना प्रमुख वी. के. सिंह तथा डॉक्टर महेश शर्मा समेत कई दिग्गजों का सियासी भविष्य तय होगा।

पहले चरण में मुजफ्फरनगर सीट पर सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर रालोद प्रमुख अजित सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर होगी। वहां उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा सांसद संजीव बालियान से होगा। सिंह ने वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव बागपत से लड़ा था लेकिन वह हार गए थे।

बागपत सीट पर इस बार अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। वहां उनका मुकाबला मौजूदा सांसद, भाजपा के सत्यपाल सिंह और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चौधरी मोहकम से है।

गाजियाबाद सीट पर मौजूदा केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का मुकाबला महागठबंधन के प्रत्याशी सुरेश बंसल और कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा से है। सिंह वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से भारी मतों से जीते थे।

नोएडा सीट से भाजपा के प्रत्याशी और मौजूदा केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा के सामने लगातार दूसरी बार इस सीट से संसद पहुंचने की चुनौती है। उनके मुकाबले में कांग्रेस ने डॉ अरविंद सिंह को उतारा है जबकि महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर सत्यवीर नागर मैदान में है।

सहारनपुर में मौजूदा भाजपा सांसद और प्रत्याशी राघव लखन पाल का मुख्य मुकाबला कांग्रेस के इमरान मसूद से है। पिछले साल हुए उपचुनाव में भाजपा से कैराना की सीट छीनने वाली मौजूदा सांसद और महा गठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन के सामने एक साल के अंदर इस सीट को दूसरी बार जीतने की कड़ी चुनौती है।

उनका मुख्य मुकाबला गंगोह सीट से मौजूदा विधायक भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी तथा कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व राज्यसभा सांसद हरेंद्र मलिक से है। मेरठ सीट पर मौजूदा भाजपा सांसद और प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीसरी बार जीतने की आस लगाए हुए हैं।

बसपा ने यहां से महागठबंधन प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी को उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के बेटे हरेंद्र अग्रवाल को टिकट दिया है। बिजनौर सीट पर मौजूदा भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह एक बार फिर मैदान में हैं।

उनका मुकाबला कभी बसपा प्रमुख मायावती के विश्वसनीय रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी से है। महागठबंधन ने मलूक नागर को यहां से मैदान में उतारा है। आगामी 11 अप्रैल को मतदान होने के बाद वोटों की गिनती 23 मई को की जाएगी।

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