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लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस के कुनबे में सेंधमारी, चुनाव का किया बहिष्कार, सत्तापक्ष की जीत तय

तेंलागना (Telangana) विधानसभा चुनावों के बाद, और लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के ठीक पहले विधान परिषद की 5 सीटों के लिए होने वाला ये चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्व है। महत्वपूर्ण इसलिए भी कि लोकसभा चुनावों से पहले टीआरएस के शक्ति परिक्षण के लिए ये अंतिम मौका है। लेकिन मतदान और परिणामों से पहले ही टीआरएस ने रणनीतिक सूझबूझ से अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है।

लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस के कुनबे में सेंधमारी, चुनाव का किया बहिष्कार, सत्तापक्ष की जीत तय

तेंलागना (Telangana) विधानसभा चुनावों के बाद, और लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के ठीक पहले विधान परिषद की 5 सीटों के लिए होने वाला ये चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्व है।

महत्वपूर्ण इसलिए भी कि लोकसभा चुनावों से पहले टीआरएस के शक्ति परिक्षण के लिए ये अंतिम मौका है। लेकिन मतदान और परिणामों से पहले ही टीआरएस ने रणनीतिक सूझबूझ से अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है।

विधानसभा चुनावों से पहले बनी महाकुटुमी अपने छोटे से कुनबे को भी नही सहेज पायी। चार कांग्रेसी विधायक और एक टीडीपी विधायक सत्तारूढ़ टीआरएस (TRS) में शामिल हो गये। इस शिकायत को लेकर कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल और चुनाव आयोग तक का दरवाजा खटखटाया है।

कांग्रेस का आरोप है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव उनके विधायकों को प्रलोभन देकर लगातार टीआरएस में शामिल कर रहें है। तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने सत्तारूढ़ टीआरएस पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए चुनावों का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।

विधान परिषद के इन चुनावों में टीआरएस ने 4 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इन चार उम्मीदवारों में मंत्री मोहम्मद महमूद अली, एस सुभाष रेड्डी, सत्यवती राठौड़ और येग्गी मल्लेशम शामिल है। जबकि एक सीट गठबंधन सहयोगी एआईएमआईएम के लिए छोड़ दी है।

एआईएमआईएम के सुप्रीमों असदुद्दीन ओवैसी ने मिर्जा रियाज उल हसन अफंदी को उम्मीदवार बनाया है। जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जी नारायण रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।

120 सदस्यों वाली तेलंगाना विधानसभा में टीआरएस के 88 विधायक है। जबकि एक निर्दलीय विधायक और एक एआईएफबी के विधायक ने टीआरएस को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इसके चलते टीआरएस के सदस्यों की संख्य बढ़कर 90 हो गई है।

सदन में एआईएमआईएम के सात विधायक है। बीजेपी का सदन में मात्र एक ही सदस्य है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 19 विधायक है। मगर को इनके चार विधायक रेगा कांताराव, अतरम सक्कू, और चिरूमर्ती लिंगय्या, हरि प्रिया नायक हाल ही में टीआरएस में शामिल हे चुके है।

वहीं टीडीपी के इकलौते विधायक एस. वेंकट विरैया भी टीआरएस में शामिल हो चुके हैं। ऐसी सियासी सूरतेहाल में कांग्रेस को उम्मीद की कोई किरण दिखती नज़र नही आ रही। लिहाजा चुनावों से दूर रहने का फैसला कर लिया है। चुनाव परिणामों से पहले ही परिणाम साफ है....टीआरएस 4 सीटों पर और एआईएमआईएम एक।

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