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जानें आखिर राहुल गांधी ने क्यों चुनी वायनाड सीट, इन 10 प्वाइंट से समझें

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से जुटी हुई है। ऐसे में पार्टी ने अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा की दो सीटों से उतारने का फैसला किया है। एक अमेठी जो कि पारंपरिक सीट है तो वहीं दूसरी केरल की वायनाड सीट। जानें वायनाड सीट से जुड़े 10 प्वाइंट।

जानें आखिर राहुल गांधी ने क्यों चुनी वायनाड सीट, इन 10 प्वाइंट से समझें
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से जुटी हुई है। ऐसे में पार्टी ने अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा की दो सीटों से उतारने का फैसला किया है। एक अमेठी जो कि पारंपरिक सीट है तो वहीं दूसरी केरल की वायनाड सीट। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। लेकिन इससे पहले वो एक रोड शो कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी करने वाले थे। लेकिन अभी तक रोड शो को इजाजत नहीं मिली है तो वहीं पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किेए हैं। नामांकन के दौरान प्रिंयका गांधी उनके साथ होंगे इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उनके साथ होंगे।

जानें केरल की वायनाड सीट से जुड़े 10 प्वाइंट

1. सबसे पहली बात कांग्रेस इस सीट को सुरक्षित मान रही है। जिसको लेकर दक्षिण भारत में भी राहुल पार्टी का प्रचार जोरशोर से कर रहे हैं।
2. अगर राहुल गांधी इन दोंनों सीटों वायनाड और अमेठी से जीत जाते हैं तो ऐसे में अमेठी की सीट वो प्रियंका गांधी के लिए छोड़ देंगे। क्योंकि दोनों सीटों से जीतने के बाद एक सीट को छोड़ना पड़ता है।
3. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही वाम दलों ने कहा कि 'जमीन पर चुनाव कैसे लड़ा जाता है, ये हम बताएंगे।
4. इस सीट से भाकपा ने पीपी सुनीर और एनडीए उम्मीदवार तुषार वेल्लापेली को राहुल गांधी के खिलाफ खड़ा किया है। वायनाड वामपंथ का गढ़ भी मना जाता है।
5. वामदलों ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। ऐसे में वो उन्हें अदृश्य भगवान मना रहे हैं तो कोई कह रहा है कि वो यहां से चुनाव नहीं जीतेंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की किसान विरोधी, आदिवासी विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के खिलाफ अभियान भी चलाया हुआ है।
6. राहुल गांधी को यहां से चुनाव लड़वाने के पीछे एक तरीके से यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा। इसलिए वायनाड पर विचार के सबसे बड़े कारणों में से एक यह था कि यह तीन दक्षिणी राज्यों का त्रिकोणीय जंक्शन है।
7. कांग्रेस उत्तर भारत के साथ दक्षिण भारत की तरफ भी कांग्रेस प्रचार करना चाहती है। इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है जहां लोकसभा की 20 सीटें हैं।
8. जैसे ही पार्टी ने वायनाड सीट से राहुल गांधी के लड़ने का ऐलान किया तो इस घोषणा के बाद वामपंथी और दक्षिणपंथी सियासी दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
9. इस ऐलान के बाद माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने यहां कहा कि राहुल गांधी को केरल के वायनाड से चुनाव लड़वाने का फैसला यह दिखाता है कि पार्टी केरल में वाम दलों से मुकाबला करना चाहती है। माकपा के पूर्व महासचिव ने कहा उनकी पार्टी वायनाड में राहुल गांधी की हार सुनिश्चित करने के लिये काम करेगी।
10. वहीं केरल सीएम ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा कि राहुल गांधी के वायनाड से लड़ने के कदम को वाम दलों के खिलाफ देखा जाना चाहिए न कि भाजपा के खिलाफ। कांग्रेस अध्यक्ष की उम्मीदवारी को कोई विशेष तवज्जो देने की जरूरत नहीं है।
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