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लोकसभा चुनाव 2019: उत्तराखंड में भाजपा नेता ने थामा कांग्रेस का हाथ, BJP सांसद श्यामा चरण गुप्ता बैठे ''सायकिल'' पर

देश में नेता और जनता दोनों को बस चुनाव का इंतजार होता है। जनता को इंतजार होता है कि चुनाव आए तो नेता बदलें और नेता को इंतजार होता है कि चुनाव आए तो पार्टी बदलें। कांग्रेस में लगातार इस्तीफे का दौर जारी है।

लोकसभा चुनाव 2019: उत्तराखंड में भाजपा नेता ने थामा कांग्रेस का हाथ, BJP सांसद श्यामा चरण गुप्ता बैठे
देश में नेता और जनता दोनों को बस चुनाव का इंतजार होता है। जनता को इंतजार होता है कि चुनाव आए तो नेता बदलें और नेता को इंतजार होता है कि चुनाव आए तो पार्टी बदलें। कांग्रेस में लगातार इस्तीफे का दौर जारी है।
कई नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के आते ही अब भाजपा में भी इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। प्रयागराज से भाजपा सांसद तथा बीड़ी व्यवसायी श्यामाचरण गुप्ता (Shyama Charan Gupta) ने भाजपा छोड़कर सायकिल कि सवारी करने का फैसला किया है।
सायकिल के चुनाव निशान और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) ने श्यामा चरण गुप्ता (Shyama Charan Gupta) को बांदा (Banda) से चुनावी मैदान में उतारा है। श्यामा चरण गुप्ता (Shyama Charan Gupta) वैसे राजनीति की हवा को समझने वाले कहे जाते हैं।
समाजवादी पार्टी में उनका शामिल होना कोई नया नहीं है। श्यामा चरण गुप्ता (Shyama Charan Gupta) पहले भी सपा से बांदा के सांसद रह चुके हैं। वर्तमान में भाजपा से भैरों प्रसाद मिश्रा सांसद हैं। हालांकि ऐलान श्यामाचरण गुप्ता ने अभी अपना इस्तीफा नहीं दिया है।
वहीं उत्तराखंड की बात करें तो उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मेजर जनरल (रिटा.) बीसी खंडूरी (BC Khanduri) के बेटे मनीष खंडूरी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। पूर्वोत्तर के राज्य असम में भी भाजपा को करारा झटका लगा है।
तेजपुर से मौजूदा सांसद राम प्रसाद शर्मा ने शनिवार को पार्टी छोड़ने की घोषणा कर आरोप लगाया कि पार्टी में नए घुसपैठियों के कारण पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि आरएसएस और विहिप के लिए 15 वर्ष और भाजपा के लिए 29 वर्ष काम करने के बाद वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने आज भाजपा छोड़ दी। मैं असम के उन पुराने भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए दुख महसूस करता हूं जिन्हें नए घुसपैठियों के कारण नजरअंदाज किया जा रहा है।
तेजपुर लोकसभा सीट के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवार के पैनल में शर्मा का नाम शामिल नहीं था। इसमें केवल असम के मंत्री और एनईडीए के संयोजक हिमंत बिस्वा शर्मा का नाम था। असम की 14 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों की सूची दिल्ली भेजी जा चुकी है और इसकी शनिवार को घोषणा किए जाने की संभावना है।
शर्मा की बेटी को एपीएससी नौकरी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही उनकी उम्मीदवारी दांव पर थी।
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