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लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : चुनावी फेर में फंसे बिजली विभाग के 77 करोड़, वसूली बनी मुसीबत

जिले में बिजली विभाग के करीब 77 करोड़ रूपए से अधिक का राजस्व चुनावी फेर में फंस गया है। यह राशि बीपीएल, घरेलू, व्यवासयिक, कृषि और छोटे उद्योगों का है। इसमें सरकारी विभाग पर बकाया राशि को शामिल कर लिया जाए तो आंकड़ा और भी अधिक हो जाएगा।

लोकसभा चुनाव 2019 छत्तीसगढ़ : चुनावी फेर में फंसे बिजली विभाग के 77 करोड़, वसूली बनी मुसीबत
जिले में बिजली विभाग के करीब 77 करोड़ रूपए से अधिक का राजस्व चुनावी फेर में फंस गया है। यह राशि बीपीएल, घरेलू, व्यवासयिक, कृषि और छोटे उद्योगों का है। इसमें सरकारी विभाग पर बकाया राशि को शामिल कर लिया जाए तो आंकड़ा और भी अधिक हो जाएगा। इतनी बड़ी राशि की वसूली में बिजली अधिकारियों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है।
लोक सभा चुनाव की घोषणा के साथ ही बिजली विभाग की राजस्व वसूली की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अधिकारियों की मैराथन बैठक का दौर हर दिन जारी है। इसके बाद भी बिजली बिल की वसूली पर कुछ खास असर देखने को नहीं मिल रहा है।
करीब 77 करोड़ की बकाया राशि की वसूली बिजली विभाग के लिए चुनौती बन गई है। अधिकारियों की फटकार के बाद भी विभाग में राजस्व की संभावित वसूली नहीं हो सकी है। जिले के सिटी सर्किल और ग्रामीण सर्किल के आंकड़े बताते हैं कि वसूली में विभाग किस तरह पिछड़ रहा है।
सिटी सर्किल के डिवीजन एक में 21 करोड़ रूपए का बकाया है। वहीं डिवीजन दो पर 25 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान नहीं हो सका है। इसमें से करीब 22 करोड़ 44 लाख की राशि सरकारी दफ्तरों की है।
जिसमें नगर निगम इस आंकड़े की आधी राशि यानी 12 कराेड़ रूपए का भुगतान नहीं कर पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 31 करोड़ 57 लाख रूपए की राशि का भुगतान विभाग तक नहीं पहुंचा पाया है। हालांकि सिटी सर्किल की तुलना में ग्रामीण सर्किल में वसूली ठीक ही चल रही है। इन आंकड़ों से बिजली विभाग में राजस्व वसूली की पोल खुल रही है। जिसके लिए अधिकारियों पर दबाव भी है।

सरकारी विभागों पर 36 करोड़ बकाया

सरकारी विभागों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिम जाति विभाग के साथ ही पुलिस और नगर निगम जैसे विभाग से 36 करोड़ रूपए की राशि की वसूली नहीं की जा सकी है। इसमें सिटी सर्किल के 22 करोड़ से अधिक की राशि शामिल है।
वहीं 14 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में बकाया है। जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, सामुदायिक भवनों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ छोटे बड़े विभाग के दफ्तरों पर विभाग चाह कर भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी दबी जबान पर चुनावी चकल्लस की बात स्वीकार भी करते हैं, जिससे बिजली विभाग में राजस्व की वसूली नहीं हो पा रही है।

लगेगी पेनाल्टी

विभाग के सभी सहायक यंत्रियों और कनिष्ठ यंत्रियों को बिजली बिल की वसूली के लिए कहा गया है। बिल बकाया होने पर लाइन काटी जाएगी, साथ ही पेनाल्टी भी लगेगी।
सीएम बाजपेयी, ईई, विद्युत विभाग
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