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लोकसभा चुनाव 2019 सर्वे : क्या फिर बनेगी मोदी सरकार या कांग्रेस को मिलेगी दोगुना सीटें..? जानें क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले चौंकाने वाले सर्वे हमेशा आते रहे हैं। इसी बीच सीएसडीएस-लोकनीति और भास्कर का प्री पोल सर्वे आया है। जिसमें एक बार फिर सत्ता भाजपा के पक्ष में हैं और कांग्रेस को भी फायदा होता दिख रहा है।

लोकसभा चुनाव 2019 सर्वे : क्या फिर बनेगी मोदी सरकार या कांग्रेस को मिलेगी दोगुना सीटें..? जानें क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े
लोकसभा चुनाव 2019 का सियासी घमासान इस समय जोरशोर से चल रहा है। सभी पार्टियां अपने बड़े नेताओं के जरिए जनता को अपने पक्ष में करने के लिए बड़ी रैलियों से लेकर बूथ स्तर तक पहुंच रही हैं। इसी बीच सीएसडीएस-लोकनीति और भास्कर का प्री पोल सर्वे आया है। इस सर्वे के मुताबिक भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले 50-70 सीटों का सीधा नुकसान बताया जा रहा है। भाजपा के नुकसान का सीधा फायदा कांग्रेस को हो रहा है और वह पिछले चुनाव के मुकाबले 20-30 सीटों का फायदा होता दिख रहा है। सिर्फ सीटे ही नहीं वोट शेयर पर भी भाजपा को 4 फीसदी का नुकसान बताया जा रहा है।
वहीं सर्वे के मुताबिक यूपीए के वोट शेयर में 3 फीसदी की बढ़ोत्तरी दिखाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के गठबंधन के कारण भाजपा की सीटों में कमी आ रही है। सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के मुताबिक 44 फीसदी किसान आज भाजपा के पक्ष में और 32 फीसदी यूपीए के साथ खड़े हैं। भाजपा के साथ खड़े किसान मानते हैं कि देश सही दिशा में जा रहा और सही हाथों मे है।
लेकिन इसी सर्वे कम्पनी ने जब दक्षिण के राज्यों के किसानों पर सर्वे किया तो स्थिति बिल्कुल उलट दिखी वहां 45 फीसदी लोगों का मानना है कि देश की बागडोर गलत हाथों में है। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी ही पहली पसंद हैं। 45 फीसदी युवा चाहते हैं कि दोबारा नरेंद्र मोदी ही पीएम बने।
सीएसडीएस-लोकनीति द्वारा यह सर्वे 24 से 31 मार्च के बीच 19 राज्यों में जाकर किया गया है। 101 लोकसभा सीटों के 10 हजार लोगों ने इस सर्वे में भाग लिया। सर्वे में 13 फीसदी मुस्लिम, 19 फीसदी अनुसूचित जाति, 10 फीसदी अनुसूचित जनजाति 2 फीसदी ईसाई और 3 फीसदी सिख मतदाता शामिल रहे। इस पूरे सर्वे में 46 फीसदी महिलाओं ने हिस्सा लिया है।
कम्पनी ने आर्थिक आधार पर किए गए सर्वे की भी रिपोर्ट पेश की है। उच्च वर्ग के वोटर जो मई 2017 तक 50 फीसदी भाजपा के साथ थे वह चुनाव के ठीक पहले 46 फीसदी हो गए हैं वहीं यूपीए को मई में इस वर्ग का 24 फीसदी समर्थन प्राप्त था जो अब 32 फीसदी पर पहुंच गया है। मध्यम वर्ग का भी मत उच्च वर्ग की ही तरह है।
निम्न और गरीब वर्ग के वोटरों में भाजपा और यूपीए के साथ अन्य क्षेत्रीय दलों को समर्थन दिया है। गरीब वर्ग के 38 फीसदी वोटर भाजपा, 28 फीसदी यूपीए और 34 फीसदी अन्य पार्टियों को अपना समर्थन देने की बात करते हैं।

किसको कितना मिलेगा वोट

एक तरफ भाजपा को 50-70 सीटों का नुकसान बताया जा रहा पर वोट प्रतिशत के सर्वे में वह लोकसभा चुनाव 2014 के 38.4 के मुकाबले 41 फीसदी मिलते हुए दिखाया गया है। वहीं कांग्रेस के वोट प्रतिशत में भी वृद्धि बताया जा रहा। पिछले चुनाव 23 फीसदी के मुकाबले 30 फीसदी वोट मिलते दिख रहा है। बसपा व उनके सहयोगियों को 9 फीसदी तो लेफ्ट को महज 3 फीसदी वोट मिलते दिखाए गए हैं।
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