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लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा और कांग्रेस के घोषणा पत्र में ये है अंतर, जो आपको जानना चाहिए

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) को लेकर सभी पार्टियां अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। सभी पार्टियां चाहती हैं कि जनादेश उन्हें मिले। जिसके चलते घोषणा पत्रों में जरूरी वादों के साथ ही लोक लुभावन वादे भी किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि वह गरीबी हटाएंगे। जबकि उनका यह नारा इंदिरा गांधी के समय से चला आ रहा है। पहले चरण के चुनाव से दो तीन दिन पहले सोमवार को भाजपा ने भी अपना घोषणा पत्र जारी किया। हम आपको बता रहे हैं कि भाजपा के घोषणा पत्र और कांग्रेस के घोषणा पत्र में क्या-क्या अलग है।

लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा और कांग्रेस के घोषणा पत्र में ये है अंतर, जो आपको जानना चाहिए

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) को लेकर सभी पार्टियां अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। सभी पार्टियां चाहती हैं कि जनादेश उन्हें मिले। जिसके चलते घोषणा पत्रों में जरूरी वादों के साथ ही लोक लुभावन वादे भी किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा कि वह गरीबी हटाएंगे। जबकि उनका यह नारा इंदिरा गांधी के समय से चला आ रहा है। पहले चरण के चुनाव से दो तीन दिन पहले सोमवार को भाजपा ने भी अपना घोषणा पत्र जारी किया। हम आपको बता रहे हैं कि भाजपा के घोषणा पत्र और कांग्रेस के घोषणा पत्र में क्या-क्या अलग है।

कांग्रेस के घोषणापत्र की खास बातें

  1. कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में 2020 तक सभी सरकारी खाली पदों को भरने का वायदा किया है। रोजगार के मुद्दे को कांग्रेस ने सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। राहुल गांधी ने पंचायतो और निकायों में 10 लाख सेवा मित्रों की नियुक्ति की बात कही साथ ही उन्होंने वायदा किया कि सरकारी परिक्षाओं में लगने वाले आवेदन शुल्क को हटा दिया जाएगा।
  2. कांग्रेस के घोषणा पत्र की दूसरी सबसे बड़ी बात रही 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों को 72,000 सलाना दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति की न्यूनतम आय तय करने की बात कही गई है। राहुल गांधी ने नारा दिया कि 'ग़रीबी पर वार 72 हज़ार' और कहा कि 'हमारा पहला कदम न्याय का कदम है।
  3. कांग्रेस ने किसानों से जुड़े मुद्दे को अपने घोषणा पत्र रखा है। रेलवे की तरह अलग से किसान बजट पेश करने की बात कही गई है। साथ ही कांग्रेस का मानना है कि केवल कृषि कर्ज माफ करने से नहीं बल्कि उचित मूल्य, कम लागत, बैंकों से कर्ज़ की सुविधा दे कर किसानों को अधिक आत्मनिर्भर बनाएंगे।
  4. मनरेगा को एक बार फिर नए सिरे से प्रारूप देने का काम करने का वादा भी किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि जहां 100 दिन के रोज़गार के लक्ष्य को पूरा किया गया है वहां रोज़गार गारंटी बढ़ाकर 150 किया जाएगा और जलाशयों की मरम्मत की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूलों में कक्षा और पुस्तकालय और खेल के मैदानों के लिए भी मनरेगा के तहत काम होगा।
  5. कांग्रेस ने देश में रेलवे के पुराने ढांचे को व्यापक रूप से और आधुनिक बनाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को तेज़ी से बढ़ाने और पूर्वोत्तर राज्यों में भी सड़क और रेल मार्ग को बेहतर करने का वादा किया है। कांग्रेस ने पूर्वोत्तर राज्यों को विशेष दर्जा देने का वादा किया है और कहा है कि वो इन राज्यों के लिए औद्योगिक नीति लाएगी।

भाजपा के घोषणा पत्र की कुछ जरुरी बात

  1. भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज व विश्व विद्यालय खोले जाएंगे। 1400 लोगों पर एक डॉक्टर का अनुपात सुनिश्चित करने की बात कही गई है। बेहतर रिजल्ट देने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों और लॉ कॉलेज समेत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों मे सीटे बढ़ाई जाएंगी।
  2. किसानों को 5 साल तक शून्य ब्याज पर एक लाख का कृषि ऋण देने का उल्लेख है साथ ही 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के वादो को दोहराया गया है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में राममंदिर निर्माण का प्रयास किए जाने की बात भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल की गई है।
  3. 60 वर्ष के बाद किसानों को पेंशन देने की योजना भाजपा के घोषणा पत्र में है। छोटे दुकानदारों को पेंशन देने की योजना को भी इसमें शामिल किया गया है। साथ ही व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय व्यापार आयोग का गठन करेंगे।
  4. आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति राष्ट्रवाद के प्रति हमारी प्रतिबद्धत नागरिक संशोधन विधेयक पास कराएंगे।
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