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लोकसभा चुनाव 2019 में 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को उतारेगा बीजद

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) ने रविवार को कहा कि बीजद (बीजू जनता दल) आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटों पर मैदान में उतारेगा। उन्होंने इस कदम को देश में ‘महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मापदंड'' करार दिया।

लोकसभा चुनाव 2019 में 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं को उतारेगा बीजद
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) ने रविवार को कहा कि बीजद (बीजू जनता दल) आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत सीटों पर मैदान में उतारेगा। उन्होंने इस कदम को देश में ‘महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मापदंड' करार दिया।
केन्द्रपाड़ा में एक सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा करते हुये बीजू जनता दल के अध्यक्ष ने कहा कि यह ‘ऐतिहासिक कदम' देश में महिला सशक्तीकरण की अगुवाई करेगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत को दुनिया की अगुवाई करनी है, अगर भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है और एक उन्नत देश बनना है तो महिला सशक्तीकरण इनका एकमात्र जवाब होगा।
पटनायक की घोषणा का यह मतलब है कि बीजद राज्य में लोकसभा की 21 सीटों में से कम से कम सात सीटों पर महिलाओं को टिकट देगा। इस समय ओडिशा से लोकसभा से तीन महिला सांसद हैं। बीजद ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 21 में से 20 सीटों पर जीत हासिल की थी।
हालांकि, उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए इस तरह की कोई घोषणा नहीं की जो आम चुनाव के साथ होने हैं। ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में इस समय 12 महिला विधायक हैं।
राज्य विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले साल नवंबर में राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया था।
बीजद सुप्रीमो ने कहा कि उन्होंने इस दिशा में सभी राष्ट्रीय पार्टियों और मुख्यमंत्रियों को एक प्रस्ताव भेजा है। राज्य सरकार ने 2012 में पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया था।
हालांकि, पटनायक की घोषणा को विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए ‘चुनाव पूर्व की योजना' करार दिया। केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का स्वागत है लेकिन चुनाव से पहले बीजद की घोषणा कुछ और नहीं बल्कि महिला मतदाताओं का वोट पाने की एक नौटंकी है।
इस कदम को महिला मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एक ‘साधन' करार देते हुये कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राज्य विधानसभा और संसद में महिलाओं को अगर 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है तो उनकी पार्टी को समस्या नहीं है लेकिन बीजद वोट पाने के लिए अंतिम प्रयास के तौर पर इसका उपयोग कर रहा है क्योंकि उसकी लोकप्रियता कम हो गई है।
पिछले साल दिसंबर में पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोकसभा में लंबित महिला आरक्षण विधेयक को पास करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया था।
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