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लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस की कुंडली में बृहस्पति-शुक्र-बुध की महादशा हावी, जानें क्या होगा राहुल का

लोकसभा चुनाव 2019 के सियासी घमासान में भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में 44 सीटें ही हासिल कर पायी थी। देश में ऐसी मोदी लहर चली की देश की सबसे बड़ी पार्टी अपने सबसे बुरे दिन में चली गई।

लोकसभा चुनाव 2019 के सियासी घमासान में भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर है। कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव में 44 सीटें ही हासिल कर पायी थी। देश में ऐसी मोदी लहर चली की देश की सबसे बड़ी पार्टी अपने सबसे बुरे दिन में चली गई। 2014 और 2019 के चुनाव में अन्तर है। कांग्रेस ने अपनी गलतियों से सीखते हुए चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरी है। प्रियंका गांधी इस समय सक्रिय राजनीति में उतरकर कांग्रेस की किस्मत चमकाने में लगी हैं। 2019 के इस लोकसभा चुनाव में पार्टी की कुंडली मे क्या है आईए जानते हैं...

कांग्रेस के लिए क्या बोलते हैं सितारें

• कांग्रेस की कुंडली में शनि और केतु का गोचर सूर्य और शुक्र के ऊपर 10 वें घर से हो रहा है।
• गोचररत राहु 10 वें घर के स्वामी बृहस्पति के ऊपर से गुजर रहा है।
• मतदान के ज्यादातर समय गोचररत बृहस्पति 9 वें घर से जन्म के बुध से होकर गुजर रहा होगा।
• इस समय कांग्रेस बृहस्पति की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा से गुजर रही है।

कांग्रेस के लिए ज्योतिष विश्लेषण

इस लोकसभा चुनाव में बृहस्पति कांग्रेस को विशेष फायदा देने वाला है। क्योकि बृहस्पति का पारगमन कांग्रेस के पक्ष में होने की संभावना है। इस पारगमन से कांग्रेस को मदद मिलेगी और जिन राज्यों में वह एक भी सीट नहीं जीत पायी थी वहां इसबार पहले के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी संभावना है। लेकिन एक बात जो गौर करने वाली बात है वह यह कि बृहस्पति की वक्री गति से संकेत मिलता है कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी उतनी मजबूत नहीं है। हालकि जिन राज्यों में पार्टी ने गठबंधन किया है उनकी कुंडली की दशा के अनुसार कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है।
कांग्रेस बृहस्पति-शुक्र-बुध महादशा अवधि से गुजर रही है जो पार्टी के हित में बिल्कुल नहीं है। 8वें घर का स्वामी शुक्र है जो 10वें घर में है। इसलिए हर सीट पर टक्कर है। कांग्रेस को सिर्फ चुनाव में ही नहीं पार्टी के अन्दर की चुनौतियों से भी सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस अपने खोए आधार को वापस पाने के लिए उसे और उत्साही प्रयास करने की जरूरत है। जिस तरह प्रचार है वह लोगों में विशेष प्रभाव डालने में सफल नहीं हो पा रही है।
सूर्य पर शनि-केतु की युति एक कठिन समय कहा जा सकता है। हालांकि, शनि और केतु के घनिष्ठ संयोजन में आश्चर्य का तत्व होगा जो कांग्रेस को अप्रत्याशित परिणाम भी दे सकता है। चुनाव के वक्त शुक्र सूर्य के साथ त्रिशंकु में दूसरे घर से गुजर रहा होगा, जो पार्टी पर प्रतिकूल असर डालेगा। इस दौरान चंद्रमा के ट्रांजिट की अनुकूलता नहीं रहेगी।

कांग्रेस के लिए निष्कर्ष

पार्टी 2014 लोकसभा चुनाव से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिख रही है। वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा पार्टी का। जिन राज्यों में पार्टी एक भी सीट हासिल नहीं कर पायी वहां इसबार जीतने की पूरी उम्मीद है। राजस्थान, गुजरात, उत्तराखण्ड में पार्टी को इसबार सीटें मिलती दिख रही हैं। मध्य प्रदेश में पार्टी के वोट प्रतिशत में थोड़ा सा इजाफा हो रहा है, जो विजयी सीटों के रूप में बदलेगा। हर प्रदेश में पार्टी ने गठबंधन किया है जो पार्टी के हित में दिखाई दे रहा है।
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