Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले जरूर जानें ये महत्वपूर्ण जानकारी

हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे और इससे जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी। हम आपको ये भी बताने की कोशिश करेंगे कि हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है और इसको क्यों करवायां जाए।

बेहतर हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले जरूर जानें ये महत्वपूर्ण जानकारी

अचानक आई बीमारी और अस्पताल के लंबे चौड़े बिल को भरते-भरते कई लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी भी चली जाती है। यही नहीं महंगा इलाज लोगों को कर्ज तले भी दबा देता है। इन मेडिकल खर्चों से राहत के लिए हेल्थ इंश्योरेंस बेहद जरूरी है।

हेल्थ इंश्योरेंस में इलाज जरूरत के मुताबिक अलग-अलग फॉरमेट में होता हैं। हालांकि हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले इसके अंतर्गत आने वाली बीमारियों की जानकारी, इसकी समय अवधि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों आदि के विषय में अवश्य जान लेना चाहिए।

कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस

हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए परिवार के किसी भी सदस्य की बीमारी के इलाज का पूरा खर्च इंश्योरेंस कम्पनी उठाती है। कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए कैशलेश पॉलिसी में पेपरवर्क से निजात दिलाता है।

कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस में सारा पेपरवर्क इंश्योरेंस कंपनी खुद करती है। कैशलेश पॉलिसी कराते वक्त आपको पूरे परिवार की मेडिकल हिस्ट्री को साफ तौर पर बताना जरूरी हैं।

ये भी पढ़े: चुनाव की हार से फेल नहीं हुए राहुल गांधी: फारूक अब्दुल्ला

कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले जानें

अगर आप बड़े अस्पतालों में इलाज करवाने के इच्छुक है तो आपको ज्यादा प्रीमियम वाली पॉलिसी लेनी होगी। आप प्रीमियम भुगतान की क्षमता के मुताबिक पॉलिसी लें और कैशलेस इंश्योरेंस की जानकारी जरूर देख लें। वही आपका यह भी देखना आवश्यक है कि कौन सा अस्पताल आपके लिए अधिक सुविधाजनक होगा।

टीपीए की भूमिका

टीपीए, इंश्योरेंस कंपनी के अलावा बीमाधारक और के बीच में एक जरूरी कड़ी का काम करती है। अस्पताल का पेमेंट हिसाब करने में जितना तेज होता है। बीमाधारक के लिए बीमा उतना ही बेहतर होता है।

अस्पताल ऐसे टीपीए के मरीज को अच्छी तरह से हैंडल करती हैं। लेकिन जो टीपीए अच्छे प्रकार से अपना काम नहीं करती हैं, उनके मरीजों को अस्पतालों में कैशलेस इलाज कराने में कई दिक्कतों का सामना करना होता है।

टॉप अप और राइडर

टॉप अप प्लान में महंगाई के चलते मंहगे इलाज पर होने पर कवरेज की रकम को बढ़ा दिया जाता है। टॉप अप में आपको थोड़ा ज्यादा प्रीमियम देकर बड़ा कवरेज मिल जाता है। राइडर में किसी खास बीमारी के लिए इंश्योरेंस लिया जाता है। पर राइडर आवश्कता के मुताबिक ही लेना चाहिए। राइडर को आप अपनी मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक ही ले। राइडर लेने से पहले इस प्लान की दूसरे प्लान से उसकी तुलना जरूर करें क्योंकि राइडर प्लान महंगे होते हैं।

कम उम्र में करा लें इंश्योरेंस

कम उम्र में ही हेल्थ इंश्योरेंस कराना बेहतर होता है क्योंकि आपको कम उम्र पर इंश्योरेंस करने पर प्रीमियम कम देना होता पर अगर इंश्योरेंस ज्यादा उम्र पर ली जाए तो आपको प्रीमियम देना पड़ता है।

इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस और फैमिली फ्लोटर

दो तरह की पॉलिसी पहली इंडिविजुअल पॉलिसी और दूसरी फैमिली फ्लोटर। आमतौर पर फैमिली फ्लोटर प्लान को लेने की बात कही जाती है, अगर किसी एक परिवार में तीन सदस्य हैं। तीनों ने अलग-अलग पॉलिसी 2-2 लाख रुपये की ली है तो इसका मतलब यह हुआ कि इनमें से परिवार का कोई भी सदस्य दो लाख तक का क्लेम कर सकता है।

अगर यही परिवार इंडिविजुअल की बजाय 4 लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर प्लान ले, तो परिवार का कोई भी सदस्य इन चार लाख रुपये को क्लेम कर सकता है।

यह भी जानें

इंश्योरेंस लेते वक्त कंपनी द्वारा मांगी गई सूचनाओं को सही प्रकार से दें। क्योंकि अगर आपके इंश्योरेंस में जानकारी गलत हुई तो आपको क्लेम नहीं मिलेगा।

सभी कस्टमर अपनी पॉलिसी की शर्तों से वाकिफ नहीं होते असली बात उन्हें तब पता चलती है, जब बीमा कम्पनी उन्हें इलाज के पैसे देने से मना कर देती है इसलिए शर्तों को सही से पढ़ना जरूरी है। बड़े हॉस्पिटल्स आमतौर पर सभी टीपीए और सभी कंपनियों को कवर करते हैं।

Next Story
Top