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डिजीटल लॉकर पर कानून मंत्रालय राजी

एडमिशन व नौकरी में होगा मददगार, दस्तावेज सुरक्षित

डिजीटल लॉकर पर कानून मंत्रालय राजी
नई दिल्ली. स्कूल, कॉलेज में दाखिले से लेकर नौकरी के लिए आवेदन करते वक्त हरदम अपने दस्तावेजों को साथ लेकर चलने की मशक्कत से जल्द ही निजात मिल सकती है। क्योंकि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) की 'डिजीटल लॉकर योजना'के मार्ग में आई कानूनी अड़चन दूर हो गई है और इस प्रस्ताव को कानून मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दे दी है।

कानून मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि एचआरडी मंत्रालय का डिजीटल लॉकर का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजीटल इंडिया अभियान का ही हिस्सा है। इससे जुड़े हुए साइबर खतरे और कानूनी पहलुओं पर शंका-समाधान करने के लिए पूर्व एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी के समय में इसे मंजूरी के लिए कानून मंत्रालय के पास भेजा गया था। अब इसे केंद्रीय कानून, न्याय एवं इंफारमेशन टेक्नोलॉजी (आइटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद का ग्रीन सिग्नल दे दिया गया है।

आधार से जुड़ा रहेगा
लॉकर में कोई छात्र या अन्य कोई व्यक्ति अपने जन्म प्रमाणपत्र से लेकर दसवीं-बारहवीं कक्षा के सर्टिफिकेट, स्नातक-परास्नातक स्तर की डिग्रियां, लैंड-रेवेन्यू रिकॉर्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों को डिजीटल फॉर्म में सुरक्षित रख सकेंगे। हर लॉकर की सुरक्षा के लिए एक आइडी दिया जाएगा जो कि आधार से सीधे जुड़ा रहेगा।

ऐसे करेंगे प्रयोग
डिजीटल लॉकर बनने के बाद डीयू में एडमिशन लेते वक्त छात्रों को अपने डॉक्यूमेंट्स साथ लेकर जाने की कोई जरूरत नहीं होगी। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी को लॉकर का आइडी बताना होगा जिससे वो सीधे वहीं से दस्तावेजों का प्रमाणित कर लेगें। इसी तरह से नौकरी के लिए इंटरव्यू देते वक्त कंपनी के एचआर विभाग को लॉकर का आइडी बताकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा सकेगा। इसके लिए एचआरडी मंत्रालय एक डिजीटल लॉकर सर्विस बनाएगा जिसके रखरखाव की जिम्मेदारी आइटी मंत्रालय की होगी।

विशेषज्ञों का तर्क
साइबर सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजीटल युग में डिजीटल लॉकर छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है। इससे उन्हें हर वक्त अपने साथ डॉक्यूमेंट्स को लेकर घूमने की कोई जरूरत नहीं रह जाएगी। साथ ही एक बार डिजीटल लॉकर में सर्टिफिकेट पहुंचने के बाद जहां कही भी जरूरत होगा इनका सत्यापन करना आसान हो जाएगा। ये खासतौर पर उन छात्रों के लिए ज्यादा मुफीद होगा जो पढ़ने के लिए एक जगह से दूसरी जगह पर जाते रहते हैं।
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