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वायुसेना के शहीद पायलट निनाद मांडवगाने का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

दो दिन पहले जम्मू कश्मीर में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शहीद हो गये वायुसेना के पायलट निनाद मांडवगाने का यहां शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

वायुसेना के शहीद पायलट निनाद मांडवगाने का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
दो दिन पहले जम्मू कश्मीर में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर शहीद हो गये वायुसेना के पायलट निनाद मांडवगाने का यहां शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
नासिक के रहने वाले मांडवगाने (33) का करीब साढ़े बारह बजे गोदावरी नदी के तट पर दाह संस्कार किया गया। जम्मू कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मांडवगाने और छह अन्य की मृत्यु हो गयी थी। अधिकारियों के अनुसार बडगाम में गारेंड कलां गांव के समीप सुबह करीब दस बजकर पांच मिनट पर एक खुले मैदान में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया था।
उसके पायलटों के अलावा उस पर सवार चार अन्य लोग एवं एक स्थानीय निवासी की मृत्यु हो गयी थी। मांडवगाने का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार की रात को वायुसेना के एक विशेष विमान से नयी दिल्ली से ओझार हवाई अड्डे पर लाया गया था।
ओझार वायुसेना स्टेशन के कमांडिंग अधिकारी एयर कमोडोर समीर बोराडे समेत वायुसेना के कई अधिकारियों और नासिक के जिलाधिकारी ने वहां पायलट को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद मांडवगाने का पार्थिव शरीर नासिक में डीजीपी नगर इलाके में उनके निवास पर लाया गया।
श्मशान घाट पर शहीद पायलट को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। लोगों ने वहां वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए। मांडवगाने के अंतिम संस्कार के समय उनके पिता अनिल, माता सुषमा, पत्नी विजेता और दो साल की बेटी , रिश्तेदार तथा अन्य लोग मौजूद थे। अनिल द्वारा मुखाग्नि देने से पहले वायुसेना की नासिक इकाई और नासिक पुलिस ने 21 तोपों की सलामी दी।
वायुसेना में जाने से पहले मांडवगाने ने नासिक में भोंसले मिलिट्री स्कूल, औरंगाबाद में सर्विसेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट और पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में पढ़ाई की थी।
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