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सड़क से संसद तक कुलभूषण का समर्थन

ओवैसी ने कहा, ''पाकिस्तान की सैन्य अदालत एक ''बनाना'' अदालत है, जहां किसी नियम का पालन नहीं किया जाता''

सड़क से संसद तक कुलभूषण का समर्थन

संसद में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा दिए जाने पर पाकिस्तान के आदेश को लेकर सभी पार्टियों ने कड़ा ऐतराज जताया। इस मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए गृहमंत्री राजनाथ ने बयान दिया। राजनाथ ने कहा कि कुलभूषण जाधव को न्याय दिलाने के लिए भारत सरकार हर संभव कोशिश करेगी।

राजनाथ ने कहा कि कुलभूषण जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा की भारत सरकार कड़ी शब्दों में निंदा करती है। पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव के पास से वैध पासपोर्ट होने की बात मानी है, अगर वैध पासपोर्ट है तो वह जासूस कैसे हो सकता है। मार्च 2016 में कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अगर जाधव को बचाया नहीं जा सका तो यह भारत सरकार की कमजोरी होगी।

कुलभूषण को लेकर खड़गे ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी को उस वक्त यह मामला उठाना चाहिए था कि जब वह अचानक पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर पहुंच गए थे।

पाकिस्तान पर सख्त बयान देते हुए खड़गे ने कहा कि अगर भारतीय नागरिक जाधव को फांसी दी जाती है, तो यह फांसी नहीं हत्या माना जाना चाहिए।

खड़गे के बाद एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार जाधव को बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। जाधव को धोखा देकर पाकिस्तान पकड़कर लाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले पर कदम उठाए। पाकिस्तान की सैन्य अदालत एक 'बनाना' अदालत है, जहां किसी नियम का पालन नहीं किया जाता।

देश में हर जगह जाधव की फांसी को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त के बाहर लोगों ने पाक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

उधर, नागपुर में भी लोग पाकिस्तान के इस कदम का विरोध करते हुए सड़कों पर आ गए। उन्होंने 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे लगाए और उसका पुतला भी फूंका। कुछ लोग जाधव की तस्वीर भी हाथ में लिए हुए दिखाई दिए।

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