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डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को खाएगा ये मच्छर

डेंगू को रोकने में कारगार होगी ये नई प्रजाति।

डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को खाएगा ये मच्छर
नई दिल्ली. देश में आए दिन आ रहे डेंगू और चिकनगुनिया के मामले बेहद चिंताजनक है। वहीं सरकार डेंगू की रोकथाम के लिए सतर्क भी नजर आ रही है। इसी परेशानी के बीच गौरतलब है कि कोलकाता में टोक्सोरिनकाइटिस नामक मच्छर प्रजाति पाई गई है। यह प्रजाति कोलकाता नगरपालिका कर्मचारियों को राज भवन परिसर में मिली है। यह प्रजाति लार्वा मच्छरों के लार्वा खाकर जिंदा रहती है। इन मच्छरों को हाशी मोसा कहा जा रहा है।
कोलकाता में पाई गई प्रजाति
बता दें कि राजधानी समेत पूरे देश में डेंगू का कहर बढ़ता ही जा रहा है और इसी बीच कोलकाता में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टोक्सोरिनकाइटिस नामक यह मच्छर लोगों को नहीं बल्कि डेंगू मच्छरों के लार्वा को खाकर ही जिंदा रहता है जिसके चलते लोगों को डेंगू का खतरा कम होगा। इस मच्छर को हाधी मोसा भी कहा जा रहा है कि क्योंकि इसका सिर हाथी की तरह दिखता है।
डेंगू को रोकने में कारगार
बता दें कि यह प्रजाति ज्यादातर जंगली क्षेत्रों में देखने को मिलती है। वहीं कोलकाता में इनके आने की वजह का पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक राजभवन के बांस मैदान में इन्हे देखा गया है। मच्छर विशेषज्ञ देवाशिष का कहना है कि कोलकाता में इस प्रजाति का पाया जाना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने आगे कहा कि डेंगू को रोकने में इससे हमे काफी मदद मिलेगी।
बाहर देशों में भी किया जाता है इस्तेमाल
एनबीटी की खबर के अनुसार, थाइलैंड और सिंगापुर में डेंगू से बचाव के लिए इन मच्छरों को प्रयोग में लाया जा रहा है। वहीं, एक नई रिसर्च सामने आई है कि एडीज मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया के अलावा जीका विषाणुओं को भी फैलाने में लगे हुए है।
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