Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

नोटबंदी: बैंकों के बाहर लंबी लाइनों के बीच लगा मछली बाजार

मछली बेचने वाली ने आजकल अपना डेरा कोलकाता के तीन बैंकों के बाहर लगी लाइनों के पास ही डाल रखा है।

नोटबंदी: बैंकों के बाहर लंबी लाइनों के बीच लगा मछली बाजार
कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोटों को कागज के टुकड़े में बदलने के ऐलान के बाद से लोग परेशान हैं। बैंकों में 500, 1000 के नोट बदलने और ATM से 2000 रुपए निकालने के लिए शुक्रवार को भी लंबी लाइन लगी हुई है। इस बीच कोलकाता में एक अजीब सा मामला सुनने में आया है। गली-गली घूमकर मछली बेचने वाली ने आजकल अपना डेरा कोलकाता के तीन बैंकों के बाहर लगी लाइनों के पास ही डाल रखा है।
दरअसल मामला यह है कि बैंकों के बाहर लगी लंबी लाइनों को देखते हुए मछली बेचने वाली ने सोचा की क्यों ने यही मछली बेच ली जाए। लोगों ने जब मछली बेचने वाली को बैंक के बाहर अपना मछली वाला ड्रम रखे देखा तो वह चकित जरूर हुए लेकिन मछली वाली की रणनीति कारगर रही। आमतौर पर वह घर-घर जाकर दिन भर में करीब 5 किलोमीटर चलने के बावजूद तीन-चौथाई मछली ही बेच पाती थी लेकिन बैंक के बाहर बैठने के बाद से वह दोपहर तक मछली वाला ड्रम खाली हो जाता है।
बैंकों के बाहर मछली बेचने वाली कनोन सेनापति ने बताया, 'मेरे सभी कस्टमर्स बैंक जा रहे हैं। तो मैंने सोचा कि क्यों नहीं वहीं बैठा जाए जहां ग्राहक हैं। मैं सुबह 7:30 बजे आई जब लोग लाइन लगा रहे थे। लोग बैंक से पैसे बदलने के बाद अपनी पसंद की मछली खरीद कर घर जाने लगे और मुझे नए नोट भी मिलने लगे।'
उन्होंने बताया, 'पिछले गुरुवार के बाद से कमाई एकदम से कम हो गई थी। लेकिन मुझे पता था कि हम बंगाली ज्यादा दिन मछली से दूर नहीं रह सकते। लोग लाइन में लगने से पहले अपने पसंद की मछली अलग रखने को कह रहे हैं और पैसे निकालने के बाद मछली खरीद कर जा रहे हैं।'
सेनापति ने केवल सही जगह ही नहीं चुनी बल्कि उन्होंने महंगी मछलियों की जगह 250 से कम की मछलियां भी ड्रम में रखना शुरू कर दिया है। इस समय लोग काफी बचा-बचा कर खर्च कर रहे हैं ऐसे में उनकी यह स्ट्रैटजी भी काम कर गई।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top