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रोहिंग्या को ''भारतीय'' बना रहे दलाल, ऐसे एक्टिव है इनका नेटवर्क

म्यांमार और बांग्लादेश से रोहिंग्याओं को भारत में घुसपैठ कराने के लिए एक नेटवर्क सक्रिय है।

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म्यांमार और बांग्लादेश से रोहिंग्याओं को भारत में घुसपैठ कराने के लिए एक नेटवर्क सक्रिय है। कोलकाता और गुवाहाटी के दलाल रोहिंग्याओं को भारत में घुसपैठ कराने में मदद कर रहे हैं।

इतना ही नहीं दलाल उन्हें भारत में रहने को वैधता दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी मुहैया करा रहे हैं। इन लोगों के पास भारत के फर्जी पहचान पत्र भी हैं।

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खुफिया एजेंसियों ने किया खुलासा

ये खुलासा भारत की खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट के जरिए हुआ। इतना ही नहीं भारत में पनाह लिए रोहिंग्या स्थानीय मुस्लिम संगठनों से चाहते हां कि वे भी उनका साथ दें, जिससे उन पर कोई सवाल खड़ा न हो और साथ ही उन्हें भारत से बाहर न निकाला जाए।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को जब भारत-बांग्लादेश सीमा के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे तो वो रोहिंग्याओं को घुसपैठ कराने वाले नेटवर्क का भी मुद्दा वहां उठाएंगे।

एजेंट ऐसे करते हैं मदद

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, ये दलाल बांग्लादेश से घुसपैठ कराकर रोहिंग्याओं को झुग्गियों और किराए पर बसाने में मदद कर रहे हैं। जिसके बाद इन लोगों को धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्सों में भेज दिया जा रहा है।

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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, भारत से बांग्लादेश की 4 हजार किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। जिसमें से 1900 किलोमीटर सीमा बंगाल से लगती है। यहीं पर 2 ऐसे बड़े क्रॉसिंग प्वाइंट्स हैं, जहां से एजेंट घुसपैठ के काम को अंजाम दिलाते हैं।

इंटेलिजेंस एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, पूरे भारत में करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं।

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