Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

इंदिरा के आपातकाल के दौरान रंग रूप बदलकर पीएम मोदी ने किए ये काम, जानकर रह जाएंगे हैरान

आपातकाल की 43 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आपातकाल के दौरान अपने कुछ अंश जनता के साथ शेयर किए हैं।

इंदिरा के आपातकाल के दौरान रंग रूप बदलकर पीएम मोदी ने किए ये काम, जानकर रह जाएंगे हैरान

देश में आपातकाल को आज 43 साल पूरे हो गए है। जिसे लेकर भाजपा ने देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे ही एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुंबई पुहंच गए हैं।

जहां वह आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी और तानाशाह शासन के खिलाफ अपनी आवाज उठाने वाले लोगों से मिलकर उनका आभार व्यक्त करेंगे। गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था।

और आपातकाल के दौरान लोगों से सभी संवैधानिक अधिकार उनसे छीन लिए गए थे। इंदिरा गांधी ने आदेश जारी कर सभी बड़े नेताओं के जेल के भीतर भिजवा दिया था।

यहां तक कि मीडिया की आवाज भी दबा दी गई थी। आज आपातकाल की 43 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट narendramodi.in पर आपातकाल के दौरान अपने कुछ अंश जनता के साथ शेयर किए है।

आपातकाल में मोदी ने किए ये काम

आपको बता दे कि जिस समय देश में आपातकाल की घोषणा की गई थी। उसके बाद से ही कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला जा रहा था। जिस समय आपातकाल के दौरान नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला जा रहा था।

आंदोलन और बैठकों का आयोजन

नरेन्द्र मोदी नाथाभाई जगदा के साथ-साथ वसंत गजेंद्र गाडकर के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। आरएसएस द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को दूसरे आरएसएस प्रचारकों की ही तरह आपातकाल के दौरान आंदोलन, बैठकों आदि कि जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

लेकिन इंदिरा गांधी ने आरएसएस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। जिसकी वजह से एक-एक कर सभी आरएसएस नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला जाने लगा।

उस समय नरेंद्र मोदी ने कई आरएसएस नेताओं को जिनमें नाथा लाल जागडा जैसे नाम शामिल है स्कूटर पर बिठाकर एक-जगह से दूसरी जगह पर सुरक्षित पहुंचाया।

सूचना को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम

क्योंकि आपातकाल में सूचना के सभी माध्यमों पर बेन लगा दिया गया था। उस समय नरेंद्र मोदी ने आपातकाल, कांग्रेस की ज्यादतियों और संविधान से जुड़ी अहम सूचनाओं को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल भी किया।

भेष बदलकर पुलिस को दिया चकमा

नरेंद्र मोदी पकड़े ना जाए इसके लिए वह हमेशा भेष बदलकर जेल में जाया करते थे। और वहां बंद अपने नेताओं के लिए आंदोलन से जुड़ी महत्तवपूर्ण जानकारी पहुंचाते थे। एक बार भी पुलिस नरेन्द्र मोदी को पहचान नहीं सकी।

Next Story
Top