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किसान आंदोलन: जानिए आम लोगों पर क्या रहा इसका असर

हड़ताल से एग्री कमोडिटी की कीमतों में तेजी आई है।

किसान आंदोलन: जानिए आम लोगों पर क्या रहा इसका असर

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 1 जून से किसानों की जारी हड़ताल से एग्री कमोडिटी की कीमतों में तेजी आई है। हड़ताल से दोनों राज्यों की मंडियों में एग्री कमोडिटी जैसे फलों और सब्जियों की सप्लाई ठप्प हो गई है, जिससे कीमतें 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हड़ताल लंबा खिंचने पर कीमतों में और तेजी आ सकती है। हड़ताल का असर अब सिर्फ इंदौर और नागुपर तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि दोनों प्रदेश में पूरी तरह से फैल गया है।

हड़ताल की वजह से मुंबई में कई सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। पिछले हफ्ते मुंबई में जो गोभी 40 रुपए किलो बिक रही थी, वह अब 120 रुपए बिक रही है। भिंडी 40 से 100 रुपए, तो करेला 40 से 80 रुपए हो गई है।

हालांकि प्याज और आलू की कीमतों पर ज्यादा असर नहीं हुआ है। एपीएमसी लासलगांव नासिक के चेयरमैन जयदत्त होल्कर ने एक न्यूज वेबसाइट को बताया कि किसानों की हड़ताल के बाद से मंडी में प्याज की सप्लाई बंद है।

मंडी बंद होने के दिन प्याज का भाव 670 रुपए प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 1,000 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। पिछले 5 दिन से मंडी में प्याज की सप्लाई बंद है।

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि किसानों की हड़ताल से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मंडियां पूरी तरह बंद हैं। मंडियां बंद होने से किसान अपना माल नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे एग्री कमोडिटी की कीमतें बढ़ गई हैं।

दूध, सब्जियों के भाव 50 फीसदी बढ़े

मार्केट एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, जिन जगहों पर किसानों की हड़ताल हो रही, वहां सब्जियों के भाव में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूध की कीमतों में 15 से 20 फीसदी का उछाल आया है। इंदौर में दूध 100 रुपए लीटर तक बिक रही है।

किसानों की क्या है मांगें

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ किए जाने के बाद महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी कर्ज माफी की मांग करने लगे हैं। 1 जून से महाराष्ट्र में किसानों ने कर्ज माफी के लिए हड़ताल शुरू की।

किसानों की मांग को मानते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 30,000 करोड़ रुपए के कर्ज माफी की घोषणा की। कर्ज माफी के बाद भी किसानों की हड़ताल जारी है। महाराष्ट्र में किसानों के कर्ज माफ होने के बाद मध्य प्रदेश में भी किसानों ने कर्ज माफी के लिए हड़ताल शुरू कर दी।

नहीं मिल रहा उपज का वाजिब दाम

किसानों की दूसरी मांग हैं कि उनकी ऊपज का वाजिब दाम मिले। मार्केट मिरर के एग्री रिसर्च हितेश भाला के मुताबिक, इस साल देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।

पिछले साल की तुलना में इस साल देश में 6.73 फीसदी ज्यादा उत्पादन हुआ है। रिकॉर्ड उत्पादन से कीमतों में गिरावट आई है, जिससे किसानों को कम कीमतों पर अपना माल बेचना पड़ा है। सरकार द्वारा तय एमएसपी के नीचे कीमतें मिलने से किसान नाराज हैं।

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