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सूरत का ये कारोबारी अपने कर्मचारियों को बोनस में देता है कार और फ्लैट

आठ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी को संभालने वाले सावजी ढोलकिया काफी लोकप्रिय हैं। गुजरात के हीरा कारोबारी ढोलकिया हर दीपावली अपने कर्मचारियों को बोनस के में कार, घर और गहने व अन्य कीमती सामान गिफ्ट करते हैं। हम बता रहे हैं कि कौन हैं ढोलकिया।

सूरत का ये कारोबारी अपने कर्मचारियों को बोनस में देता है कार और फ्लैट
आठ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी को संभालने वाले सावजी ढोलकिया काफी लोकप्रिय हैं। गुजरात के हीरा कारोबारी ढोलकिया हर दीपावली अपने कर्मचारियों को बोनस के में कार, घर और गहने व अन्य कीमती सामान गिफ्ट करते हैं।
सावजी ढोलकिया हरिकृष्णा एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन हैं। इस साल उन्होंने अपने कर्मचारियों को दीपावली में 600 लग्जरी कारें गिफ्ट की हैं। बृहस्पतिवार को हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने भी कुछ कर्मचारियों को गाड़ी की चाबी सौंपी।
ढोलकिया ने जब पहली बार अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस के रूप में कार गिफ्ट की थी तब से यह सिलसिला चल रहा है। पिछले महीने ही उन्होंने कंपनी में 25 साल पूरा करने वाले 3 कर्मचारियों को मर्सिडीज गिफ्ट की थी।
2015 में उन्होंने दीपावली के बोनस के रूप में 491 कारें और 200 फलैट बांटे थे। 2014 में कर्मचारियों को 50 करोड़ रुपये का इंसेंटिव बांटा गया था। उनकी कंपनी में 7 हजार कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी का सालाना टर्नओवर आठ हजार करोड़ है और 80 देशों में हीरे का व्यापार करती है।
वह इस तरह का अनोखा काम क्यों करते हैं इस पर उन्होंने बीबीसी को बताया कि वह अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा करते हैं। कंपनी में बहुत से कर्मचारी है लेकिन यह गिफ्ट कुछ को ही दिए जाते हैं।
तो इन कर्मचारियों की छटनी किस आधार पर होती है। इस पर उन्होंने कहा कि जिनके पास घर नहीं होता उन्हें घर दिया जाता है। जिनके पास घर होता है उन्हें गाड़ी दी जाती है। जिनके पास यह दोनों हैं उन्हें ज्वैलरी और दूसरे कीमती सामन दिए जाते हैं। लेकिन यह भी हर कर्मचारी की मेहनत पर निर्भर करता है।
ढोलकिया का कहना है कि प्रत्येक कर्मचारी को टारगेट दिया जाता है, जो भी कर्मचारी हमरी कंपनी के लिए टारगेट को पूरा करता है हमारी कंपनी उसे प्रोत्साहित करती है। ढोलकिया ने बताया कि वह कर्मचारियों के फिक्स डिपॉजिट से लेकर लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी मुहैया करवाते हैं।
इस सब के लिए पैसा कहां से आता है इस पर ढोलकिया ने कहा कि पैसा कर्मचारियों का ही होता है। जो कर्मचारी कंपनी को जितना फायदा करवाता है कंपनी उस रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा अलग कर लेती है। कर्मचारियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं होती है।
लेकिन हमारे पास में हर काम का डेटा सुरक्षित रहता है। इसी से उन्हें गिफ्ट दिया जाता है। अपने बारे में बताते हुए ढोलकिया कहते हैं कि मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता था। पांचवी के बाद मैंने पढ़ाई छोड़ दी थी। साढ़े बारह साल की उम्र में सूरत आ गया और यहां एक कंपनी में काम करना शुरू किया। हम चार भाइयों ने मिलकर 1992 में इस कंपनी को खरीदा।
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