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केरल लव जिहाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई

धर्म परिवर्तन कर हिंदू से मुसलमान बनने वाली हदिया की मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी।

केरल लव जिहाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल फिर होगी सुनवाई

धर्म परिवर्तन कर हिंदू से मुसलमान बनने वाली हदिया की मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में आज हदिया की पेशी हुई है।

हदिया ने जज से कहा कि वह अपनी आजादी चाहती है। उसका पति उसकी देखभाल करने में सक्षम है। पति के साथ रखकर वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है।

कोर्ट ने उससे पूछा कि क्या आप राज्य सरकार के खर्चे पर पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। आपके सपने क्या हैं।

हदिया ने कहा कि मैं अपने पति से मिलना चाहती हूं। अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती हूं, लेकिन राज्य सरकार के खर्चे पर नहीं। मेरा पति मेरी देखभाल करने में सक्षम है।

पहले इस मामले की सुनवाई 30 अक्टूबर को होनी थी लेकिन हदिया के अनुपस्थिति के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को 27 नवंबर तक टाल दिया था।

केरल की एक अदालत ने मई में धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बनी हादिया की मुस्लिम युवक से शादी को रद्द कर दिया था। तब से यह निकाय सुर्खियों में आ गया था। कई लोग इसे कथित लव जिहाद पर कारवाई के तौर पर देख रहे थे।

हदिया ने कहा मैं मुसलमान हूं-

समाचार एजेंसी पाटीआई के मुताबिक कोच्चि से दिल्ली जाते समय हदिया ने कहा कि मैं एक मुस्लिम महिला हूं। हदिया ने कहा कि मैने अपनी मर्जी से इस्लाम स्वीकार किया है।

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किसी ने नहीं डाला दबाव-

हदिया ने कहा कि इस्लाम को अपनाने के लिए उनके ऊपर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला है। हदिया ने कहा कि वह इस मामले में अपने न्याय चाहती है।

मुसलमान बनाने की सजिश-

हिंदू कट्टरपंथी समूहो ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम लड़के एक योजना के तहत हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाने की सजिश करते है। वहीं केरल की अदालत का फैसल महिला के उस दावे बावजूद आया था जिसमें उस महिला ने कहा था कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम कुबूला है।

केरल हाइकोर्ट का इस मामले में फैसला-

केरल हाईकोर्ट ने इस मामले में दो फैसले दिए। पहला 1 जनवरी 2016 को जिसमें हाइकोर्ट ने हदिया के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने हदिया के पिता की अपील को खारिज कर दिया।

अपने दूसरे फैसले में अदालत ने कहा कि कट्टरपंथी संगठनों ने हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराया। अदालत ने इस शादी को छलावा और दिखावटी करार दिया। अदालत ने हदिया की कस्टडी उसके माता-पिता कौ सौंप दी।

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सुप्रीम कोर्ट मे लगाई गुहार-

हदिया के पति शफीन जहां ने केरल हाइकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में दोनो पक्षों को बिना सुने इस शादी को रद्द करने के आदेश को खारिज करने से इनकार कर दिया।

एनआइए ने की थी जांच-

सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को इस मामले में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया। एनआईए ने इस मामले में अदालत को बताया कि उस शफीन और जबरन धर्मांतरण के समान लिंक मिले है।

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