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Sabarimala Temple update: सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के बाद विरोध प्रदर्शन, यहां पढ़ें पूरे दिन का अपडेट

केरल के सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद समूचे राज्य में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। राज्य के तमाम हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

Sabarimala Temple update: सबरीमाला में महिलाओं की एंट्री के बाद विरोध प्रदर्शन, यहां पढ़ें पूरे दिन का अपडेट

Sabarimala Temple update -

केरल (Kerala) के सबरीमाला मंदिर (Sabrimala Temple) में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद समूचे राज्य में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। राज्य के तमाम हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं सैकड़ों घायल हो गए। इन प्रदर्शनों के बीच कुछ लोगों ने राजधानी तिरुवनंतपुरम में पुलिस पर देसी बम से हमला भी किया।
सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के विरोध स्वरूप भाजपा और अन्य संगठनों द्वारा आहुत राज्यव्यापी हड़ताल का व्यापक असर दिखाई दिया। इस दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हड़ताल के मद्देनजर केरल राज्य परिवहन निगम की बसें ठप रहीं। विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक न्यूज चैनल के कैमरापर्सन को निशाना बनाया।
इधर, मंदिर में दो महिलाओं की एंट्री को लेकर बुधवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान जख्मी हए चंदन उन्नीथन नाम के व्यक्ति की आज मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिस पर हमले के बाद मौके पर भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। हालांकि अब तक इस हमले में किसी भी पुलिसकर्मी के हताहत होने को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। राज्यभर में हुए प्रदर्शन के दौरान 266 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई संगठनों की ओर से बुलाए गए बंद के दौरान हमले के लिए जिम्मेदार 334 लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है।

कैमरा पर्सन पर किया हमला

शाजिला अब्दुलरहमान नाम की कैमरापर्सन पर हड़ताल के दौरान हमले किए गए, इसके बावजूद वो काम पर डटी रही. चेहरे पर उसके दर्द को साफ-साफ देखा जा सकता है। इस घटना के बाद अपनी आंसुओं को छुपाने की कोशिश करते हुए शाजिला अब्दुलरहमान ने कहा जब मुझे किसी ने पीछे से मारा मैं हैरान रह गई। ये मेरे प्रोफेशनल करियर का सबसे बुरा अनुभव था। हड़ताल कवर करने आई शाजिला को आंदोलनकारियों ने गालियां और धमकी दी। उन्होंने कहा मुझे किसने पीछे से किक मारी ये नहीं पता। मैं दर्द से कराह रही थी। मुझसे कैमरा छीनने की कोशिश की गई, लेकिन मैं मोर्चे पर डटी रही। मेरे गले में थोड़ी चोट आई।

यूडीएफ ने काला दिवस मनाया

विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के समूह 'सबरीमाला कर्म समिति' ने हड़ताल बुलाई है। भाजपा भी हड़ताल का समर्थन कर रही है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ काला दिवस मना रहा है। बता दें कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र वर्ग के महिलाओं की एंट्री की इजाजत दे दी थी। हालांकि, इस फैसले के बाद अभी तक कोई 'प्रतिबंधित' उम्र की महिलाएं मंदिर में अयप्पा के दर्शन नहीं कर पाई थीं। बुधवार को कनकदुर्गा और बिंदू ने दावा किया कि वे अयप्पा के दर्शन करने में सफल रहीं। इस खबर के बाद राज्य में जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।

पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लिया

उधर, बुधवार को सीपीआई (एम) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में घायल हुए 55 साल के सबरीमाला कर्म समिति (एसकेएस) कार्यकर्ता चंदन उन्नीथन की पंडलम में मौत हो गई। वह बुधवार को उस समय गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जब मंदिर में प्रवेश करने के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया था। उन्नीथन की आज उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।

सड़क यातायात प्रभावित हुआ

हड़ताल के चलते कर्नाटक सड़क यातायात प्रभावित रहा। राज्य सड़क परिवहन निगम ने केरल के लिए बस सर्विस को संभवित उपद्रव के मद्देनजर रोक दिया था। इसके अलावा निजी वाहन भी सड़कों नहीं दिखाई दिए। बस सेवा प्रभावित होने की वजह से तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन पर में फंसे यात्रियों को ऐंबुलेंस से भेजा गया। भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने कहा हमरा प्रदर्शन शांतिपूर्वक तरीके से चलाया गया। इस दौरान हमारे किसी कार्यकर्ता ने कानून अपने हाथ में नहीं लिया।

सबरीमाला को वार जोन बना रहा संघ

सबरीमाला विवाद पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा यह सरकार की जिम्मेदारी है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। सरकार ने यह संवैधानिक जिम्मेदारी पूरी की है। उन्होंने कहा कि संघ परिवार सबरीमाला मंदिर को युद्ध स्थल बनाने में तुला है। उन्होंने कहा कि जब देश की शीर्ष अदालत ने इस पर फैसला सुना दिया है और समाज के बहुत बड़े वर्ग की महिलाएं मंदिर में प्रवेश करने के लिए संघर्ष कर रही हैं तो भाजपा और अन्य दक्षिणपंथी संगठन उन्हें रोकने का प्रयास क्यों कर रहे हैं।

सरकार रीति रिवाजों में दे रही दखल

वहीं शाही पंडलम परिवार के सदस्य पीजीएस वर्मा ने महिलाओं की एंट्री पर कहा कि सामान्य लोग परंपरावादी हैं, वे परंपरा का उल्लंघन करते हुए मंंदिर में नहीं जाना चाहते लेकिन केरल सरकार उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। हर दिन किसी न किसी को वहां भेजकर रिवाजों के साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया जा रहा है। यह त्योहार का समय है। इस समय हर दिन मंदिर में 1 से 2 लाख लोग श्रद्धालु आते थे। लेकिन इस बार सरकार की कार्रवाई के कारण यह संख्या घटकर 10 से 15 हजार रह गई है।
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