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ISIS में कैद पादरी बोले- भारतीय हूं, इसीलिए किसी को चिंता नहीं

केरल के पादरी टॉम अजहनल्लिल को आइसिस ने अदन से अगवा कर लिया था।

ISIS में कैद पादरी बोले- भारतीय हूं, इसीलिए किसी को चिंता नहीं
यमन. केरल के रहने वाले इंडियन कैथोलिक पादरी ने भारत सरकार और पोप फ्रांसिस से रिहाई की गुहार लगाई है। टॉम अजहनल्लिल का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें उन्होंने कहा है, "अगर मैं यूरोपीय पादरी होता तो मेरे मामले को ज्यादा गंभीरता से लिया जाता, मैं भारत से हूं, शायद इसीलिए मेरी कोई अहमियत नहीं है।" बता दें कि आइसिस ने टॉम को 4 मार्च को अदन से अगवा कर लिया था। इसलिए इस कैद से निकलने के लिए मदद मांगी है।
किडनैपर्स ने किया है भारत सरकार से संपर्क-
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक क्रिसमस के एक दिन बाद सोमवार को टॉम अजहनल्लिल का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह काफी कमजोर और बार-बार लड़खड़ाती आवाज में अपने सामने लिखी लाइनों को पढ़ते दिख रहे हैं। वह कहते हैं, "डियर पोप फ्रांसिस, डियर होली फादर, एक पिता के रूप में प्लीज मेरी लाइफ का ख्याल करें। मैं बेहद निराश हूं, मेरी सेहत बिगड़ती जा रही है।" टॉम ने दावा किया कि किडनैपर्स ने भारत सरकार, प्रेसिडेंट और प्राइम मिनिस्टर से कई बार कॉन्टेक्ट किया। लेकिन एक भारतीय होने के नाते किसी ने भी उनकी रिहाई के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
मैं भारतीय हूं इसलिए किसो को चिंता नहीं-
वीडियों में टॉम कहते हैं कि, "मैं बेहद दुखी हूं, मेरे बारे में किसी ने गंभीरता से नहीं सोचा। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मेरी रिहाई को लेकर सबकुछ तय हो चुका है, पर असलियत कुछ और लगती है।" जबकि मिडिल ईस्ट से किडनैप एक न्यूज रिपोर्टर को रिहा कर दिया गया क्योंकि वह फ्रांस की थी। डियर पीपुल, मेरी आप सबसे अपील है, मेरी मदद करिए, मेरी जिंदगी बचाइए, मुझे जल्द इलाज की जरूरत है।
देखें वीडियो-

यमन अथॉरिटीज से संपर्क में है भारत सरकार-
वीडियो सामने आने के बाद भारत सरकार ने कहा है कि फादर की रिहाई को लेकर वह यमन अथॉरिटीज और सऊदी अरब से लागातार संपर्क में है। पादरी का ये वीडियो केरल में न्यूज चैनलों पर क्रिसमस के एक दिन बाद सोमवार को ऑन एयर हुआ है। इस वीडियो को यूट्यबू और फेसबुक पर भी अपलोड किया गया है। हालांकि वीडियो की सच्चाई अब तक कन्फर्म नहीं हो सकी है और न ही ये पता चल सका है कि इसे कहां शूट किया गया।
आइसिस ने 4 मार्च को किया था किडनैप-
बता दें कि फादर टॉम को आइसिस ने साउदर्न यमन के शहर अदन से 4 मार्च को अगवा किया था। आइसिस के हमलावरों ने 15 लोगों को मार डाला था, हमलावरों ने फादर टॉम को एक ओल्ड पीपुल होम से किडनैप किया था। गौलतलब है कि उस हमले में आतंकियों ने 15 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिनमें चार भारतीय नन, यमन की फीमेल स्टाफ की दो मेंबर्स, 8 बुजुर्ग और एक गार्ड शामिल था। पोप फ्रांसिस ने इस हमले की कड़ी आलोचना की थी।
भारत सरकार का क्या है रवैया-
वीडियो सामने आने के बाद फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन विकास स्वरूप ने कहा, "हम फादर की सेफ रिहाई को लेकर यमन की लोकल अथॉरिटीज और सऊदी अरब से रेगुलर कॉन्टेक्ट में हैं।" पूरे यमन में अभी भी हिंसा जारी है, वहां कोई सेंट्रल अथॉरिटी नहीं है।" बता दें कि फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज ने संसद को इन्फॉर्म किया था कि पीएम मोदी ने खुद यमन में कॉन्टेक्ट रखने वाले देशों से फादर की सेफ रिहाई के लिए कोशिश करने को कहा है।
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