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विरोध के बावजूद आवारा कुत्तों को चुन-चुनकर मारेगी केरल सरकार

65 वर्षीय एक वृद्ध महिला सिलुवाम्मा पर करीब 15 खूंखार कुत्तों ने हमला कर दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी।

विरोध के बावजूद आवारा कुत्तों को चुन-चुनकर मारेगी केरल सरकार
तिरुवनंतपुरम. केरल कैबिनेट पशु कल्याण बोर्ड के विरोध को खारिज करते हुए खतरनाक आवारा कुत्तों को मारने की अपनी बात पर अड़ा हुआ है। कैबिनेट का मानना है कि हिंसक कुत्तों को मारना कोई कानूनी मुद्दा नहीं है।
स्थानीय प्रशासन मंत्री के टी जलील ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सवांदाताओं को बताया कि, "सरकार इस खतरे से निपटने के लिए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाएगी।"
टी जलील का कहना है कि, "सभी स्थानीय निकायों को उनके इलाके के खतरनाक और आवारा कुत्तों को मारने के लिए निर्देशित किया जाएगा। साथ ही इसमें कोई कोई कानूनी खतरा है।"
बता दें कि बीते दिनों पुल्लुविला क्षेत्र में 65 वर्षीय एक वृद्ध महिला सिलुवाम्मा पर खूंखार आवारा कुत्तों के एक झुण्ड ने हमला कर दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसलिए सरकार ने आवारा कुत्तों को मारने का फैसला लिया है। ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सके।
गौरतलब है कि मंत्रीपरिषद ने सिलुवाम्मा के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला किया। वहीं डेज़ी नाम की एक महिला पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया था जिससे वह बुरी तरह घायल हुई थी। बता दें कि सरकार ने डेज़ी के लिए 50,000 रुपये की घोषणा करते हुए उसके इलाज का खर्च उठाने की बात कही है।
टाइम्स आॉफ इडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिलुवाम्मा की मौत के बाद सरकार ने खूंखार आवारा कुत्तों को मारने का फैसले लिया था जिसपर कुछ कार्यालयों और अन्य पशु कल्याण मंचों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया था।
बता दें कि सिलुवाम्मा समुद्र तट की ओर शौच के लिए गई थी तभी करीब 15 खूंखार कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया था। सिलुवाम्मा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके बेटे सेल्वराज ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन कुत्तों ने उस पर भी हमला कर दिया जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले आम हैं लेकिन इस तरह की भीषण घटना पहली बार हुई है।
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