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''ओखी'' तूफान ने समुंद्र से लेकर सड़क तक मचाई तबाही, अबतक हुआ इतना नुकसान

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओखी तूफान अगले 24 घंटो में ज्यादा ताकतवर होकर बड़ा नुकसान कर सकता है।

भारत के दक्षिण में केरल और तमिलनाडु राज्य में 'ओखी' तूफान ने भयंकर तबाही मचाई हुई है। अब तक इसकी वजह से 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की वजह से तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है। इस तूफान ने समुंद्र से लेकर सड़क तक तबाही मचाई हुई है।

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मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, ओखी तूफान अगले 24 घंटो में ज्यादा ताकतवर होकर बड़ा नुकसान कर सकता है। आपदा प्रबंधन और कोस्ट गार्ड की टीमें मिलकर समुद्र में गए हुए 12 बोट्स में सवार मछुआरों को बचाने में जुट गए हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटो में हवा की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती है। ओखी चक्रवात से हुए नुकसान और राहत बचाव का काम देख रहे है।

केरल मुख्यमंत्री का बयान

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि चक्रवात ओखी के कारण केरल और लक्ष्यद्वीप तट के पास समुद्र में फंसे हुए 531 मछुआरों को बचा लिया गया है।

सीएम पिनराई ने कहा कि केरल से अब तक 393 लोगों की जान बचाई जा चुकी है. लक्ष्यद्वीप में चक्रवात के स्तर को देखते हुए वहां पर अलग अलग द्वीपों पर 31 राहत शिविर बनाए गए हैं और अब तक 1047 पीडित लोगों को इन राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है।

श्रीलंका में भी भारी तबाही

ओखी तूफान ने सिर्फ भारत ही नहीं श्रीलंका के इलाकों में भी भारी तबाही मचाई हुई है। बारिश के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। हालांकि यह तूफान श्रीलंका से शनिवार को आगे बढ़ गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश के चलते 77 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अम्बालांगोडा में अस्थायी राहत शिविरों में करीब 4,000 लोग शरण लिए हुए हैं।

अबतक एक हजार से ज्यादा मधुआरे लापता

कन्याकुमारी जिले के करीब एक हजार लापता मछुआरों के लापता होने की खबर है। जिसके चलते परिजनों ने अपने अपने रिश्तेदारों की तलाश तेज करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि तलाशी और बचाव अभियान में विमानों की मदद ली जाए।

मछुआरे उसके बाद से ही लापता हैं। सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने कहा कि मछुआरे तीन दिन पहले लगभग 100 नौका में सवार होकर समुद्र में गए थे।

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