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कठुआ दुष्कर्म मामला: न्यायाधीश संजीव गुप्ता ने आठो आरोपियों से पूछा ये एक सवाल

कठुआ दुष्कर्म मामले में आरोप पत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता का भी नाम है जिन्होंने कथित तौर पर राम से चार लाख रूपये लिये और अहम साक्ष्य नष्ट किये।

कठुआ दुष्कर्म मामला: न्यायाधीश संजीव गुप्ता ने आठो आरोपियों से पूछा ये एक सवाल

कठुआ में एक बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या के मामले में आज से मुकदमा शुरू होने पर मामले में आरोपी आठ लोगों ने खुद को बेकसूर बताते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश से नार्को टेस्ट ( झूठ पकड़ने वाला परीक्षण ) कराने का अनुरोध किया। मामले के आठ में से सात आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव गुप्ता की अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने राज्य अपराध शाखा से उन्हें आरोप पत्र की प्रतियां देने को कहा और मामले में सुनवाई की अगली तारीख 28 अप्रैल तय कर दी। इस मामले में आठवां आरोपी नाबालिग है जिसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष जमानत अर्जी दायर की है , जिस पर 26 अप्रैल को सुनवाई होगी। वकीलों और पुलिसकर्मियों से खचाखच भरी अदालत में आज आरोपियों को पेश किया गया।

क्या है कठुआ मामला

अल्पसंख्यक खानाबदोश समुदाय की एक बच्ची का कथित तौर पर अपहरण कर उसे कठुआ जिले के एक गांव के एक छोटे से मंदिर में करीब एक सप्ताह तक रखा गया। इस दौरान उसे बेहोश रखा गया और हत्या करने से पहले उसका यौन उत्पीड़न किया गया। मामला इस साल जनवरी का है।

अपराध शाखा द्वारा दायर आरोप पत्र के अनुसार बच्ची का अपहरण , बलात्कार और हत्या अल्पसंख्यक खानाबदोश समुदाय को क्षेत्र से हटाने के लिए रची गई एक सोची समझी साजिश थी। नाबालिग के लिए एक अलग आरोप पत्र दायर किया गया है।

आरोपियों के वकील ने अपराध शाखा द्वारा नौ अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दायर आरोप पत्र की प्रति मांगी है। बाद में पत्रकारों से बातचीत में मुख्य आरोपी सांझी राम उसके बेटे और अन्य के वकील अंकुर शर्मा ने कहा कि वकीलों ने आरोप पत्र की प्रतियां मुहैया कराने का मुद्दा न्यायाधीश के सामने उठाया।

कठुआ के गांव में 'देवीस्थान'

पुलिस जवान तिलक राज के वकील ए के साहनी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्वरित अदालत में मुकदमा चलाने की बातें कर रही हैं , लेकिन चालान की प्रतियां उन्हें आज तक नहीं मुहैया कराई गई। मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे कठुआ के गांव में 'देवीस्थान' की देखरेख करने वाले सांझी राम ने जज को बताया कि वह नार्को जांच कराना चाह रहा है और इसके लिए तैयार हैं।

सत्र न्यायालय में संक्षिप्त सुनवाई के बाद सातों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। बच्ची से कथित तौर पर बार - बार दुष्कर्म के आरोपी विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया ने पुलिस वैन से संवाददाताओं को बताया कि वह नार्को परीक्षण और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।

जैसे ही अदालत के अंदर सुनवाई शुरू हुई , राम की बेटी मधु शर्मा ने बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले में सीबीआई जांच की मांग की। कठुआ अदालत परिसर में नौ अप्रैल को हुए तनाव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

कठुआ मामले की चार्जशीट

नौ अप्रैल को स्थानीय बार असोसिएशन ने अपराध शाखा को कथित तौर पर आरोप - पत्र दायर नहीं करने दिया था। इस अपराध में विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और सुरेंद्र वर्मा , दोस्त प्रवेश कुमार ऊर्फ मन्नू , राम का भतीजा, एक नाबालिग , और उसका बेटा विशाल जंगोत्रा ऊर्फ 'शम्मा' कथित तौर पर शामिल थे।

आरोप पत्र में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल तिलक राज और उप निरीक्षक आनंद दत्ता का भी नाम है जिन्होंने कथित तौर पर राम से चार लाख रूपये लिये और अहम साक्ष्य नष्ट किये। न्यायाधीश ने आरोपियों से पूछा कि क्या उन्हें आरोप पत्र की प्रतियां दी गई हैं , जो 400 पन्नों की हैं। अंकुर शर्मा ने कहा कि आरोप पत्र अदालत में नौ अप्रैल को दायर किया गया था लेकिन उसकी प्रति अब तक उन्हें मुहैया नहीं कराई गई है।

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