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कठुआ कांड: जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलों को बड़ी राहत, धमकाने का आरोप खारिज

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को फिर जम्मू के कठुआ केस की सुनवाई होगी। इस बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूछताछ पैनल ने जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलो को राहत देते हुए उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया।

कठुआ कांड: जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलों को बड़ी राहत, धमकाने का आरोप खारिज

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को फिर जम्मू के कठुआ केस की सुनवाई होगी। इस बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पूछताछ पैनल ने जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलो को राहत देते हुए उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया।

जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलों पर कठुआ पीड़िता की वकील दीपिका सिंह राजावत को धमकाने के साथ-साथ पुलिस को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल न करने देने के लिए रोकने का आरोप लगा था।

जिसके बाद बुधवार को जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि वकील पर हमला व उन्हें धमकाने के आरोप गलत हैं।

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क्या है मामला

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की नाबालिग बच्ची की इस साल जनवरी में गैंगरेप कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के सामने आने के बाद देशभर में काफी विरोध प्रदर्शन हुआ।

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साथ ही POCSO एक्ट में संशोधन की मांग भी तेज हुई, जिसके बाद सरकार ने पॉक्सो एक्ट में संशोधन किया और बाद में राष्ट्रपति ने भी इस पर मुहर लगा दी। बता दें कि नया कानून 22 अप्रैल से लागू हो चुका है।

इस कानून के तहत 12 साल से कम उम्र तक की बच्चियों से रेप के आरोपी को फांसी की सजा का प्रावधान है। वहीं 13-16 साल तक की उम्र की नाबालिग से रेप के मामले में दोषी को 20 साल न्यूनतम सजा या उम्रकैद हो सकती है।

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