Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कर्नाटक चुनाव: ये 4 मुद्दे होंगे सबसे अहम, पकड़ मजबूत करने में जुटे सभी राजनीतिक दल

कर्नाटक विधान सभा चुनाव में पकड़ मजबूत करने के लिए कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देकर अपना मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है।

कर्नाटक चुनाव: ये 4 मुद्दे होंगे सबसे अहम, पकड़ मजबूत करने में जुटे सभी राजनीतिक दल
X

कर्नाटक विधान सभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है जिसकी तैयारियां राजनीतिक दलों द्वारा तेजी से शुरी हो गई है। चुनाव में पकड़ मजबूत करने के लिए कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा देकर अपना मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है।

इसे भी पढ़े- ममता बेनर्जी ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किलें, कहा- कल BJP के वरिष्ठ नेताओं से करेंगी मुलाकात

कांग्रेस के इस मास्टरस्ट्रोक से भाजपा सरकार भारी मुश्किल में है क्योंकि इस मुद्दे से कांग्रेस न सिर्फ हाल के चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूती प्रदान कर रही है बल्कि अगले साल होने वाले आम चुनावों में भी भाजपा के खिलाफ इसे अहम मुद्दा बना कर पेश कर सकती है।

बता दें कि 224 सदस्यों वाले कर्नाटक विधानसभा की करीब 100 सीटें ऐसी हैं, जहां लिंगायत समुदाय का खासा प्रभाव है। कांग्रेस के इस मास्टरस्ट्रोक का हमला सीधे तौर पर भाजपा के वोट बैंक पर हुआ है क्योंकि लिंगायत समुदाय को भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। ऐसे में कांग्रेस का यह कदम उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के कदम की गंभीरता को भांपते हुए बीते सोमवार को सिद्धगंगा मठ पहुंचकर श्री श्री शिवकुमारा स्वामीजी का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। बता दें कि अमित शाह दलितों से जुड़े मठों में भी जाएंगे। गौरतलब है कि दलित पारंपरिक रूप से कांग्रेस का एक अच्छा खासा वोट बैंक रहा हैं जिसके चलते अमित शाह कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में हैं।

लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा

पहला अहम मुद्दा लिंगायत समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना है जिस पर कांग्रेस की सिद्धारमैया सरकार ने पहले ही अपनी मोहर लगा कर चुनाव से पहले ही अच्छी खासी बढ़त बना ली है।

कन्नड़ अस्मिता का मुद्दा

कांग्रेस ने चुनाव में कन्नड़ अस्मिता का मुद्दा एक अहम मुद्दा साबित हो सकता है। बता दें कि चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने राज्य के लिए अलग झंडे की मांग करते हुए अपना एक और दाव चल दिया है। कन्नड़ अस्मिता की दिशा में कांग्रेस ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए अपना राजनीतिक दाव खेल दिया है।

इसे भी पढ़े- अपने ही जाल में फंसी कांग्रेस, सुषमा ने रीट्वीट किया INC का पोल

कर्नाटक चुनाव में किसानों का मुद्दा

कर्नाटक चुनाव में कृषि संकट एक बहुत बड़ा मुद्दा है। कृषि की पैदावार मुख्य रूप से बरसात पर निर्भर है क्योंकि पानी की कमी के कारण फसलों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों की खुदकुशी का मसला अभी भी सरकार के लिए गंभीर मुद्दा बना हुआ है। राज्य की 60 प्रतिशत आबादी का भरण-पोषण खेतीबाड़ी से ही होता है इसलिए किसानों का मुद्दा इस चुनाव में अहम रोल अदा कर सकता है।

कर्नाटक चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बीजेपी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि सिद्धारमैया सरकार पूर्ण रूप से एक भ्रष्ट सरकार है। भाजपा के नेताओं की मानें तो कर्नाटक देश में भ्रष्टाचार के मामले में पहले स्थान पर आता है।

बता दें कि बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बी एस येदुरप्पा भी खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में सत्ता गंवा चुके हैं और जेल जा की हवा भी खा चुके हैं। ऐसे में कर्नाटक चुनाव में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी राजनीतिक पार्टियों के लिए अहम साबित हो सकता है।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top