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कावेरी विवादः सिद्धारमैया बोले कर्नाटक के साथ हुई नाइंसाफी

सिद्धारमैया ने किया पूरी कैबिनेट के साथ दिल्ली आने का ऐलान

कावेरी विवादः सिद्धारमैया बोले कर्नाटक के साथ हुई नाइंसाफी
नई दिल्ली. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कावेरी के पानी के बंटवारे पर अपने साथ भारी नाइंसाफी की बात कहते हुए बुधवार को पूरी कैबिनेट के साथ दिल्ली आने का ऐलान किया है। कावेरी विवाद पर कैबिनेट की आपात बैठक के बाद सिद्धारमैया ने कहा कि हमारे साथ लंबे समय से नाइंसाफी हो रही है। पूरी कैबिनेट के साथ दिल्ली जाने का फैसला मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में लिया गया।

कैबिनेट मीटिंग के बाद सिद्धारमैया ने कहा, '5 सितंबर के फैसले को लागू करने में आ रही दिक्कतों की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने नया फैसला दिया। हमें इन परिस्थितियों से निपटना है। न्यायपालिका ने जो फैसला दिया है, हमें उसे लागू करना है।' दिल्ली जाने की बात पर सिद्धारमैया बोले, 'हमने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा है। हमारे मुख्य सचिव पीएमओ के संपर्क में हैं।' उन्होंने कहा, 'लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। पब्लिक प्रॉपर्टी को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट के फैसला का सम्मान करेगा।'

उधर, तमिलनाडु में विपक्षी दल डीएमके ने कावेरी विवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने की मांग करते हुए कहा कि वे तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर दोनों राज्यों में 'मैत्रीपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें।' उन्होंने कहा, 'हम कर्नाटक में तमिल लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम तमिलनाडु सरकार से कन्नड़ लोगों के लिए ऐसी ही सुरक्षा चाहते हैं।'

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रमुक के कोषाध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा, 'प्रधानमंत्री तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों को बातचीत के लिए जल्द बुलाएं और मैत्रीपूर्ण माहौल सुनिश्चित करें।' उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि मोदी को कर्नाटक में तमिल लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को कावेरी नदी से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का जो आदेश दिया है। उसका उल्लेख करते हुए स्टालिन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है कि नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित राज्य (कर्नाटक) शीर्ष अदालत के आदेश का पालन करे।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु में हुई घटनाओं पर दुख जाहिर किया था। उन्होंने कहा कि विवाद का हल केवल कानूनी दायरे में हो सकता है और कानून तोड़ना व्यवहारिक विकल्प नहीं है। उन्होंने एक बयान में कहा, 'कर्नाटक और तमिलनाडु में कावेरी नदी के पानी के वितरण के मुद्दे की वजह से जो स्थिति पैदा हुई है, वह बहुत कष्टप्रद है। मैं इन घटनाक्रमों से बहुत दुखी हूं।'

मोदी ने कहा, 'हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं प्रदान कर सकती। लोकतंत्र में हल संयम और परस्पर बातचीत से ढूंढे जाने चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैं दोनों राज्यों के लोगों से संवेदनशीलता प्रदर्शित करने और अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को भी दिमाग में रखने की अपील करता हूं।'
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