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कर्नाटक चुनाव 2018: 2.52 करोड़ पुरुष, 2.44 करोड़ महिलाएं और 4,552 ट्रांसजेंडर करेंगे 2622 से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 के लिए 12 मई को मतदान होंगे। राज्य में 4.98 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जो 2622 से अधिक उम्मीदवारों के बीच से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकेंगे। इन मतदाताओं में 2.52 करोड़ से अधिक पुरुष , करीब 2.44 करोड़ महिलाएं तथा 4,552 ट्रांसजेंडर हैं । चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि राज्य में 55,600 से अधिक मतदान केंद्र बनाये गये हैं।

कर्नाटक चुनाव 2018: 2.52 करोड़ पुरुष, 2.44 करोड़ महिलाएं और 4,552 ट्रांसजेंडर करेंगे 2622 से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला
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तीन महीने से अधिक कर्नाटक के रण में चले चुनावी प्रचार के बाद कल कर्नाटक में त्रिकोणीय मुकाबले में नई विधानसभा चुनने के लिए मतदान होगा। ज्यादातर सर्वेक्षणों एवं ओपिनियन पोल के अनुसार सत्तारुढ़ कांग्रेस और भाजपा सत्ता के दो प्रबल दावेदार हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा का 'जनता दल सेकुलर' किंगमेकर की भूमिका निभा सकता है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मतदाता - उम्मीदवार

कर्नाटक में 4.98 करोड़ से अधिक मतदाता हैं जो 2622 से अधिक उम्मीदवारों के बीच से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकेंगे। इन मतदाताओं में 2.52 करोड़ से अधिक पुरुष, करीब 2.44 करोड़ महिलाएं और 4,552 ट्रांसजेंडर हैं। चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि राज्य में 55,600 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुछ सहायक मतदान केंद्र भी होंगे।

कर्नाटक हाईटेक चुनाव

स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 3.5 लाख से अधिक कर्मी चुनाव ड्यूटी पर होंगे। सूत्रों ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में कुछ मतदान केंद्र संबंधित स्थान के पारंपरिक रुप में नजर आयेंगे। पहली बार कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों पर दिव्यांग कर्मचारी ड्यूटी पर होंगे। सूत्रों ने बताया कि लोग मोबाइल एप्प से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार की स्थिति के बारे में जान पाएंगे।

भाजपा कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिए जुटी

वैसे 1985 के बाद से कर्नाटक में कोई भी दल लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं आ पाया है। उस साल रामकृष्ण हेगड़े की अगुवाई में जनता दल फिर सत्ता पर काबिज हुआ था। कांग्रेस, पंजाब के बाद एकमात्र बड़े राज्य पर काबिज रहने के लक्ष्य पर केंद्रित है जबकि भाजपा कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने के लिए जुटी हुई है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक पार्टी के लिए दूसरी बार दक्षिण में कदम रखने का द्वार होगा।

जनता दल सेकुलर के लिए जीवन - मरण का सवाल

भाजपा ने सिर्फ एक बार 2008 से 2013 तक कर्नाटक में शासन किया था लेकिन उसका कार्यकाल पार्टी की अंदरुनी कलह और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा रहा था। उसके तीन मुख्यमंत्रियों में से एक और फिलहाल मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येद्दयुरप्पा भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में थे। जनता दल सेकुलर के अध्यक्ष एच डी कुमारस्वामी ने माना है कि उनकी पार्टी के लिए यह जीवन - मरण का सवाल है।

सिद्धारमैया: कांग्रेस रचेगी इतिहास

जदएस फिलहाल एक दशक से सत्ता से बाहर है। कांग्रेस को विश्वास है कि वह लगातार सत्ता में नहीं आने के चलन को तोड़ेगी और सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी पार्टी इतिहास रचेगी।

उन्होंने ट्वीट किया कि मुझसे अक्सर कहा जाता है कि इतिहास मेरे विरुद्ध है क्योंकि लंबे समय से कर्नाटक में कोई सरकार फिर ये नहीं चुनी गई।

लेकिन हम यहां इतिहास रचने के लिए हैं, न कि उसका पालन करने के लिए। उधर, कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा ने यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी कि इतिहास दोहराया जाए।

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