Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बड़ा खुलासा: भाजपा फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस को ऐसे देगी मात, बीजेपी ने रचा ये गणित

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस को मात देने के लिए भाजपा की इस प्लानिंग के बाद वह बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे। इसके बाद भाजपा अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी। बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा।

बड़ा खुलासा: भाजपा फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस को ऐसे देगी मात, बीजेपी ने रचा ये गणित
X

कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर चल रहे नाटक के बाद आज भाजपा नेता बीएस येदियुरप्‍पा ने ईश्वर और कर्नाटक के किसानों के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने येद्दियुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। लिंगायत समुदाय से खास नाता रखने वाले 75 साल के येद्दियुरप्पा तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं।

येद्दियुरप्पा के साथ केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौडा और प्रकाश जावडेकर तथा भाजपा महासचिव पी मुरलीधर राव समेत उनके बेटे बी वाई राघवेंद्र और बी वाई विजयेंद्र मौजूद थे। भाजपा ने उन्हें विधानसभा चुनाव में किसानों के मित्र 'रैथ बंधू' के तौर पर पेश किया गया था। राजभवन के लिए रवाना होने से पहले येद्दियुरप्पा ने कर्नाटक के राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।

भाजपा का गणित

कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को गैर हाजिर रखने की प्लानिंग है। इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगा। इसके बाद भाजपा अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी। बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा। बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं। इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है। इस बार कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं।

बुधवार रात राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने का न्‍योता भेज दिया था। उन्‍हें 15 दिन का वक्त बहुमत साबित करने के लिए मिला है। राज्यपाल के इस कदम के खिलाफ कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और शपथ रुकवाने रात 11 बजे सुप्रीम कोर्ट पहुंची और अर्जी दाखिल की। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने रात को ही इस पर सुनवाई का आग्रह किया। इसके बाद देर रात सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कांग्रेस-जेडीएस की अर्जी लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के घर पहुंचे।

रात 1.45 बजे सुप्रीम कोर्ट लगी और 3 जजों की पीठ ने सुनवाई की। इस पीठ में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस अर्जन कुमार सीकरी और जस्टिस शरद अरविंद बोबडे शामिल रहे। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने राज्यपाल का पक्ष रखा। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की। मुकुल रोहतगी ने भाजपा का पक्ष रखा।

कांग्रेस ने सिंघवी ने पीठ को बताया, हमारे पास 117 विधायक और भाजपा के पास केवल 104 विधायक हैं। इस पर भाजपा के अधिवक्ता रोहतगी ने कहा, राज्यपाल को पार्टी न बनाएं। राज्यपाल के आदेश पर रोक नहीं लग सकती।

दोनों पपक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रात 2:40 बजे अपनी टिप्पणी में सरकारिया रिपोर्ट का हवाला दिया और कहा- भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस और जद (एस) गठबंधन बाद में हुआ है।

उधर, भाजपा ने कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले का बचाव किया। पार्टी ने कहा कि राज्यपाल ने बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने में संविधान और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुसार कदम उठाया है। उसने कांग्रेस पर जनादेश को लूटने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

प्रजातंत्र की हत्या: सुरजेवाला

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, जेडीएस-कांग्रेस के पास 117 विधायकों का स्पष्ट बहुमत है। लेकिन, वजूभाई भाजपा के मुखौटे और उनका हुक्म बजाने वाले एक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं ना कि संविधान की सुरक्षा करने वाले के तौर पर। आज फिर श्री मोदीजी और शाह जी ने ना सिर्फ प्रजातंत्र की हत्या कर डाली। संविधान और कानून को अपने व्यक्तिगत और पार्टी के स्वार्थ के लिए पांव तले रौंद डाला।

भाजपा बोली, हमें नसीहत ना दें

रविशंकर प्रसाद ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जिस पार्टी ने खुद संविधान तोड़ा, देश में सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाया, वो हमें पाठ पढ़ा रही है। उन्होंने कहा, जब किसी सरकार को बहुमत नहीं है तो किस को सरकार बनाने का मौका मिलेगा? ऐसे में राज्यपाल और राष्ट्रपति दोनों के पास विवेकाधिकार है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बंधन नहीं लगाया, बस इतना कहा है कि ये निर्बाधित नहीं होना चाहिए और उसकी एक मर्यादा होनी चाहिए। दरअसल, कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता सुख का लोभ छोड़ नहीं पा रही है, ऐसा क्यों है आप भी समझ रहे हैं।

एक विधायक का रेट 100 करोड़!

जेडीएस के कुमारस्वामी ने दावा किया कि भाजपा ने उसके विधायकों को अलग होने और भगवा पार्टी का समर्थन करने के लिए 100-100 करोड़ रुपए और मंत्री पद की पेशकश की है। हालांकि भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आरोपों को काल्पनिक बताया। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला करते हुए आरोप लगाया कि बहुमत से थोड़ा पीछे रहने के बावजूद वह राज्य की सत्ता में भाजपा की वापसी सुनिश्चित करने के लिए ‘विधायकों की खरीद फरोख्त ' को बढ़ावा दे रहे हैं। कुमारस्वामी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, भाजपा ने हमारे विधायकों को तोड़ने के लिए 100 करोड़ की रिश्वत की पेशकश की है। मैं जानना चाहता हूं कि यह काला धन है या सफेद धन।

कांग्रेस ने रिसॉर्ट में 120 कमरे कराए बुक

तोड़-फोड़ से बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए इगल्टन रिसॉर्ट में 120 कमरे बुक कराए, वहीं जेडीएस ने भी अपने विधायकों को किसी सुरक्षित स्थान पर ठहराया है, बैग में सात दिन का सामान लेकर बस में ले जाए गए जेडीएस-कांग्रेस के विधायक।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top