Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने दागियों पर खेला दांव, बाहुबली को उतारा मैदान में

दोनों पार्टियों ने कम से कम वर्तमान विधायकों के टिकट काटने के साथ-साथ दागी उम्मीदवारों को भी टिकट देने में कोई कोताही नहीं बरती है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने दागियों पर खेला दांव, बाहुबली को उतारा मैदान में
X

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव का घमासान तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी लिस्ट जारी की है लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि दागी प्रत्याशियों से किसी ने परहेज नहीं किया।

भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन में उनके जीतने की संभावना को प्राथमिकता दी है। दोनों पार्टियों ने कम से कम वर्तमान विधायकों के टिकट काटने के साथ-साथ दागी उम्मीदवारों को भी टिकट देने में कोई कोताही नहीं बरती है।

224 सीटों में से अब तक कांग्रेस ने 218 तो भाजपा ने 154 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है लेकिन दोनों पार्टियों ने नए उम्मीदवारों को तरजीह नहीं दी है।

इसे भी पढ़ें- 2700 साल पुरानी घटना की पुनरावृत्ति, दलित को कंधे पर उठाकर मंदिर पहुंचे पुजारी

उम्मीदवारों के चयन में नया कुछ नहीं

इस बार के चुनाव में उम्मीद की जा रही थी कि दोनों पार्टियां उम्मीदवारों के चयन में कुछ नया कर सकती हैं लेकिन कांग्रेस की एक और भाजपा की दो लिस्ट आ जाने के बाद ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अमित शाह-नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने युवाओं को मौका देने का वादा किया था लेकिन चुनाव जीतने के लिए दोनों ओर से सारे वादे भुलाते हुए जीतने वाले उम्मीदवारों को तरजीह दी गई और इसमें दागियों को भी टिकट दिए गए हैं।

वरिष्ठ चुनाव विशेषज्ञ महादेव प्रकाश ने इस बारे में कहा, दोनों पार्टियों के पास लोगों को देने को कुछ नहीं है। दोनों ने समझौता कर लिया है। यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों ने दागी उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। इससे साफ है कि दोनों कर्नाटक चुनाव जीतने को लेकर कितने लालायित हैं।

इसे भी पढ़ें- डाटा लीक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 'आधार' के जरिए लोगों की जानकारी के दुरुपयोग की जताई आशंका

दागियों से परहेज नहीं

उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा के नेशनल जनरल सेक्रटरी और कर्नाटक प्रभारी पी मुरलीधर राव ने एक इंटरव्यू में कहा, पार्टी की सोच में हुआ बदलाव उम्मीदवारों के चयन में भी दिखाई पड़ेगा।

आपको बता दें कि कांग्रेस के आनंद सिंह, सतीश सैल और नागेंद्र के नाम अवैध खनन मामले में सामने आ चुके हैं, वहीं भाजपा ने खनन क्षेत्र के बाहुबली जी जनार्दन रेड्डी के भाई जी सोमशेखर रेड्डी के साथ-साथ बी श्रीरामुलू के रिश्तेदारों एच टी सुरेश बाबू और सन्ना फक्कीरप्पा को टिकट दिया है।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा जनार्दन रेड्डी परिवार से जुड़े जी करुणाकर रेड्डी को भी टिकट देने का मन बना रही है। दूसरी तरफ, कट्टा सुब्रमण्य नायडू और एस एन कृष्णैया शेट्टी को भी टिकट दिया गया है।

इन दोनों पर जमीन हड़पने का केस है। इनके अलावा अशोक खेनी और सदन में शर्ट फाड़ने वाले गूलिहट्टी शेखर को भी विधानसभा के लिए टिकट दिया गया है।

इसे भी पढ़ें- अनूठी पहल: ट्रेन की बोगी को बनाया 'मैटरनिटी वॉर्ड', कॉन्स्टेबल ने एक घंटे में करवा दी डिलिवरी

25 विधायकों के टिकट काटना चाहते थे सिद्धारमैया

सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया का कहना था कि 25 वर्तमान विधायकों का टिकट काट दिया जाए लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने उनकी नहीं सुनी और सेफ खेलना उचित समझा।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, जिन विधायकों का टिकट कटता वे जनता दल (सेक्युलर) के साथ जा सकते थे इसलिए हमने उनके टिकट नहीं काटे। यह महत्वपूर्ण चुनाव है और हम रिस्क नहीं ले सकते।

12 मई को मतदान

कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 12 मई को मतदान होगा। सभी सीटों पर वोटों की गिनती 15 मई को की जाएगी। चुनाव में लिंगायत वोटों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर है।

भाजपा की दूसरी लिस्ट में 31 लिंगायतों को टिकट मिला है। वहीं कांग्रेस ने भी अपने 218 उम्मीदवारों की पहली सूची में लिंगायत समुदाय को तरजीह दी है।

इनपुट भाषा

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story
Top