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कल्याण सिंह का वह कौन सा केस था जिसके कारण जस्टिस यूयू ललित को संविधान पीठ से अलग होना पड़ा

रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई हुई। सुनवाई के शुरू में ही मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने संविधान पीठ में जस्टिस उदय उमेश ललित के शामिल होने पर सवाल उठा दिए। जिसके बाद जस्टिस यूयू ललित ने खुद को संविधान पीठ से अलग करने का निर्णय ले लिया। राजीव धवन ने कहा था कि जस्टिस यूयू ललित राम जन्म भूमि से जुड़े एक मामले में वकील के रूप में पेश हो चुके हैं।

कल्याण सिंह का वह कौन सा केस था जिसके कारण जस्टिस यूयू ललित को संविधान पीठ से अलग होना पड़ा
रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई हुई। सुनवाई के शुरू में ही मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन (Rajeev Dhavan) ने संविधान पीठ में जस्टिस उदय उमेश ललित (UU Lalit) के शामिल होने पर सवाल उठा दिए। जिसके बाद जस्टिस यूयू ललित ने खुद को संविधान पीठ से अलग करने का निर्णय ले लिया। राजीव धवन ने कहा था कि जस्टिस यूयू ललित राम जन्म भूमि से जुड़े एक मामले में वकील के रूप में पेश हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि वह कौन सा मामला था जिसकी वजह से जस्टिस यूयू ललित को संविधान पीठ से हटना पड़ा।
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी। उस समय कोर्ट का स्टे ऑर्डर लगा था। कल्याण सिंह मुख्यमंत्री थे। इस मामले में उन्हें एक दिन की जेल और 20 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ा था। इसी मामले में जस्टिस यूयू ललित कल्याण सिंह के वकील के रूप में अदालत में पेश हुए थे।
2011 में जस्टिस ललित कल्याण सिंह बनाम सीपी जोशी के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में एक वकील के रूप में पेश हो चुके हैं। वह 2जी घोटाला, सलमान खान का काला हिरण मामला, वीके सिंह बर्थडे विवाद जैसे हाई प्रोफाइल मामले में वकील रह चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जज बनने से पहले वह एक वरिष्ठ वकील के रूप में थे। 8 नवंबर 2022 को वह रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले वह 74 दिनों के लिए चीफ जस्टिस का पद भी संभाल सकते हैं।
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