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सुपुर्द-ए-खाक हुए "मिसाइल मैन", मोदी-पर्रिकर समेत कई हस्तियों ने दी अंतिम विदाई

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके गृहनगर लाया गया।

सुपुर्द-ए-खाक हुए "मिसाइल मैन", मोदी-पर्रिकर समेत कई हस्तियों ने दी अंतिम विदाई
रामेश्वरम. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके गृहनगर लाया गया और उनकी अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अश्रुपूरित नेत्रों के साथ कतारों में खड़े रहे। हजारों लोगों ने पसीना बहाने वाली गर्मी की परवाह नहीं करते हुए कलाम के पार्थिव शरीर के रामेश्वरम तक लाये जाने का धीरज के साथ इंतजार किया।
83 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति का सोमवार को शिलांग में निधन हो गया था। कल (गुरुवार) ‘नमाज-ए-जनाजा’ के बाद यहां पूर्वाह्न 11 बजे कलाम का अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत अनेक राजनीतिक दलों के नेता भाग लेंगे। कलाम की पार्थिव देह को आज जनता की श्रद्धांजलि के बाद उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
जब पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया तो लोगों के चेहरे पर अपने चहेते राष्ट्रपति के इस संसार से चले जाने का दुख साफ दिखाई दे रहा था। जनता के राष्ट्रपति कहे जाने वाले कलाम के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए यहां न्यू बस स्टैंड के पास लाया गया और इस दौरान मंडपम से रामेश्वरम तक 10 किलोमीटर के मार्ग पर दोनों ओर लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए खड़े थे।
जब भारत के ‘मिसाइल मैन’ की पार्थिव देह को लेकर वाहन रास्ते से गुजरा तो क्या युवा और क्या बुजुर्ग, सभी ने अपनी आंखें बंद करके और हाथ जोड़कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वाहन को रामेश्वरम लाने के रास्ते में कई जगह पर सड़कों पर लोग एकत्रित हुए। लोगों को वाहन के चालक से धीरे चलाने का अनुरोध करते हुए भी देखा गया, जिससे वे देश के अत्यधिक लोकप्रिय रहे राष्ट्रपति के अच्छी तरह दर्शन कर सकें। जब कलाम का पार्थिव शरीर मदुरै से यहां हैलीपैड पर लाया गया तो थोड़ी अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी और लोग हेलीकॉप्टर की ओर जाने की कोशिश करते देखे गये। हालांकि जल्द ही हालात को काबू में कर लिया गया।
तमिलनाडु और पड़ोसी राज्य पुडुचेरी की सरकारों ने कलाम के सम्मान में कल सरकारी अवकाश घोषित किया है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर दिल्ली से कलाम की पार्थिव देह के साथ रामेश्वरम पहुंचे। यहां केंद्रीय राज्यमंत्री पी राधाकृष्णन भी उनके साथ शामिल हुए जो तमिलनाडु से ही हैं। कलाम के परिवार ने उनका अंतिम संस्कार रामेश्वरम में किये जाने की इच्छा जताई थी, जहां उनका जन्म हुआ और साधारण सी पृष्ठभूमि वाले परिवार के इस सदस्य ने बड़े सपने देखना जहां सीखा।
यहां के बाजारों और सड़कों पर पूर्व राष्ट्रपति का सादा जीवन और उनकी महान उपलब्धियां चर्चा का विषय रहीं। स्थानीय लोगों ने याद किया कि किस तरह कलाम रामेश्वरम को हरा-भरा बनाना चाहते थे। लोगों ने बताया कि उनके प्रयासों से रामेश्वरम में 17 कुएं और जलाशयों की मरम्मत कराई गयी। एक स्थानीय नागरिक ने कहा, कलाम ने अपने पैतृक स्थान के लिए अनेक विकास कार्य कराये और हम अपना आभार जताने एकत्रित हुए हैं। तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैया ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। तमिलनाडु के वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम और मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा भेजे गये कुछ और मंत्री भी इस दौरान उपस्थित थे। स्वास्थ्य कारणों से जयललिता कल कलाम के अंतिम संस्कार में भाग नहीं ले सकेंगी। ‘जनता के राष्ट्रपति’ का अंतिम संस्कार पैकारम्बू में डेढ़ एकड़ के भूभाग पर किया जाएगा।
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