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तीसरे मोर्चे की कवायद में राव ने दिल्ली में डाला डेरा, अखिलेश माया से करेंगे मुलाकात

लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र में गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी तीसरे मोर्चे का गठन होगा या नहीं लेकिन इसकी कवायद फिर से शुरू हो गई है। इसको लेकर टीएसआर प्रमुख व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है।

तीसरे मोर्चे की कवायद में राव ने दिल्ली में डाला डेरा, अखिलेश माया से करेंगे मुलाकात

लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र में गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी तीसरे मोर्चे का गठन होगा या नहीं लेकिन इसकी कवायद फिर से शुरू हो गई है। इसको लेकर टीएसआर प्रमुख व तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है। दिल्ली के तीन दिन के प्रवास के दौरान उनकी बसपा प्रमुख मायावती व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मिलने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले भी राव तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर सक्रिय हुए थे। हालांकि चुनावी व्यस्तता के चलते उनका यह अभियान तब थम गया था। लेकिन तेलंगाना में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने के बाद वे फिर से सक्रिय हो गए हैं और समान विचारधारा वाले गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी दलों को एक साथ लाने की कवायद में लग गए हैं।
इसी सिलसिले में ओडिसा में बीजू जनतादल के मुखिया नवीन पटनायक व तृणमूल कांग्रेस की नेता व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करने के बाद वे तीन दिवसीय प्रवास पर सोमवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार उनकी मुलाकात सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से हो चुकी है, लेकिन अखिलेश यादव और मायावती से भेंट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अखिलेश अभी लखनऊ में हैं तो मायावती दिल्ली में जरूर हैं लेकिन अभी उन्होंने मुलाकात का समय नहीं दिया है।
पीएम मोदी से भी करेंगे भेंट
हालांकि इस बीच वे बतौर मुख्यमंत्री वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट करेंगे,लेकिन उनकी मुख्य कवायद समान विचार धारा वाले दलों से मिलकर लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने की ही है।
तकरीबन एक सप्ताह पहले ही तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद को लेकर एक माह का समय तय करके निकले राव अगर जरूरी हुआ तो अखिलेश यादव से मिलने लखनऊ भी जा सकते हैं। लेकिन अभी उनकी नजर बसपा प्रमुख मायावती के रुख पर है,जिनसे वे समय मांगकर मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
लेकिन सूत्रों से जो जानकारी आ रही है,उसके अनुसार मायावती पहले कांग्रेस के रुख का इंतजार कर रही हैं,अगर कांग्रेस पार्टी बसपा के साथ किसी गठबंधन की पहल नहीं करती है तभी वे किसी तीसरे मोर्चे की ओर रुख कर सकती हैं।
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