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एचएल दत्तू ने संभाला चीफ जस्टिस का पद, राष्ट्रपति ने दिलाई पद व गोपनीयता की शपथ

चीफ जस्टिस के पद पर जस्टिस दत्तू का कार्यकाल करीब 14 माह का होगा

एचएल दत्तू ने संभाला चीफ जस्टिस का पद, राष्ट्रपति ने दिलाई पद व गोपनीयता की शपथ
नई दिल्ली. जस्टिस एचएल दत्तू रविवार को देश के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ग्रहण कर ली । भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जस्टिस एचएल दत्तू को सुप्रीम कोर्ट के 42वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। जस्टिस दत्तू, जस्टिस आरएम लोढ़ा का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल 27 सितंबर को ख़त्म हुआ था। उनका कार्यकाल क़रीब 14 महीने का होगा। वह दो दिसंबर 2015 में सेवानिवृत्त होंगे। हंडियाला लक्ष्मीनारायणस्वामी दत्तू का जन्म तीन दिसंबर 1950 को कर्नाटक के बेल्लारी में हुआ था। बतौर वकील उन्होंने 1975 में प्रैक्टिस शुरु की।
साल 1983 से 1990 तक वो कर्नाटक हाई कोर्ट में सरकार की ओर से कई मामलों में पेश हुए जिसके बाद वे सरकारी वकील और फिर साल 1995 में कर्नाटक हाई कोर्ट में जज नियुक्त हुए। जस्टिस लोढ़ा ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए। उनकी अगुवाई वाली बेंच ने ही कोल ब्लॉक आवंटन को अवैध करार देते हुए 214 कोयला ब्लॉकों को रद्द कर दिया था। इसके अलावा जस्टिस लोढ़ा की अगुवाई वाली संवैधानिक पीठ ने व्यवस्था दी थी कि मौत की सजा पाए दोषियों की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई खुली अदालत में होगी।
गौरतलब है कि चीफ जस्टिस के पद पर जस्टिस दत्तू का कार्यकाल करीब 14 माह का होगा। वह दो दिसम्बर 2015 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस दत्तू ऐसे समय में चीफ जस्टिस की कुर्सी संभालेंगे जब नरेंद्र मोदी सरकार न्यायाधीशों की नियुक्ति की कोलेजियम व्यवस्था को हटाने के लिए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल लेकर आई है। बिल संसद के दोनों सदनों में पास हो चुका है।इसमें प्रावधान है कि एक 6 सदस्यीय आयोग न्यायाधीशों की नियुक्ति करेगा, जिसके मुखिया चीफ जस्टिस होंगे।
नीचे की स्लाइड्स में जानिए, क्या है कोलेजियम व्यवस्था -
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