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जनवरी 2017 से नवोदय विद्यालयों में लागू होगा OBC आरक्षण

जवाहर नवोदय विद्यालय समिति लागू करेगी अधिसूचना

जनवरी 2017 से नवोदय विद्यालयों में लागू होगा OBC आरक्षण
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नई दिल्ली. नए साल का पहला जनवरी का महीना जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) में पढ़ने और दाखिला लेने के इच्छुक अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) वर्ग के छात्रों के लिए एक नया सवेरा लेकर आएगा। क्योंकि इसी दौरान नवोदय विद्यालय समिति की ओर से कुल करीब 598 नवोदय स्कूलों में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी।
अब तक जेएनवी में केवल अनुसूचित जाति (एससी)और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रों को ही आरक्षण व्यवस्था के तहत दाखिला लेने की सुविधा थी। लेकिन इस नई अधिसूचना के साथ न केवल ओबीसी वर्ग के बच्चों को भी इन स्कूलों में दाखिला लेने और पढ़ने का मौका मिलेगा। बल्कि दशकों पहले संविधान द्वारा स्थापित की गई आरक्षण व्यवस्था का पूरा लाभ भी समाज के निधार्रित कमजोर वर्गों तक पहुंचने लगेगा। इस नई अधिसूचना को जारी करने की मंजूरी हाल ही में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी नवोदय विद्यालय समिति को दे दी है।
गरीब बच्चों को मिलेगा लाभ
एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों ने हरिभूमि को बताया कि जिस तरह से देश के तमाम शिक्षण संस्थानों व अन्य जगहों पर आरक्षण की व्यवस्था लागू है। उसी हिसाब से जवाहर नवोदय विद्यालयों में भी इसे पूरी तरह से लागू किए जाने की मंशा है। जेएनवी में आरक्षण की व्यवस्था लागू होने के बाद अब इसमें एक नया बदलाव भी देखने को मिल सकता है, जिसमें दाखिला प्रक्रिया में बच्चे के परिवार की आर्थिक स्थिति को भी एक आधार बनाया जा सकता है। इसके पीछे मंत्रालय का तर्क यह है कि आमतौर पर यह देखने को मिलता है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का लाभ निधार्रित पिछड़ी जातियों में भी उनके संपन्न वर्गों के लोग ही ले जाते हैं और इसके उलट जो इसके असली हकदार हैं। उनकी स्थिति जस की तस बनी रहती है।
ऐसी है आरक्षण व्यवस्था
संविधान के हिसाब से समाज के कमजोर व पिछड़े वर्गों को कुल 49.5 फीसदी का आरक्षण दिया गया है। इसमें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 15 फीसदी, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 7.5 फीसदी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि आरक्षण की यह दर हर राज्य में मौजूद एससी, एसटी और ओबीसी की जनसंख्या के हिसाब से बदलती रहती है। क्योंकि कहीं पर एससी ज्यादा हैं, कहीं पर एसटी, कहीं ओबीसी की आबादी अधिक है। जेएनवी में 75 फीसदी गरीब इलाकों से आने वाले छात्रों को दाखिला दिया जाता है। इन स्कूलों में एक तिहाई सीटों पर लड़कियों को और तीन फीसदी पर विकलांग छात्रों को भी दाखिला देने की व्यवस्था है।
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