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साहित्यकार यू आर अनंतमूर्ति का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

अनंतमूर्ति पिछले कुछ साल से किडनी संबंधी बीमारियों और मधुमेह एवं हदय रोग का इलाज भी करा रहे थे।

साहित्यकार यू आर अनंतमूर्ति का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक
दिल्ली. ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित एवं कन्नड़ साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार यू आर अनंतमूर्ति का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्हें 10 दिन पहले बुखार और संक्रमण की शिकायत हुई, जिसके बाद उनहें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मणिपाल अस्पताल के मेडिकल निदेशक एवं मेडिकल सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष एच सुदर्शन बल्लाल के मुताबिक, उन्हें दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
अनंतमूर्ति पिछले कुछ साल से किडनी संबंधी बीमारियों और मधुमेह एवं हदय रोग का इलाज भी करा रहे थे। बल्लाल ने कहा, कल रात से उनकी तबीयत बहुत बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया। उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। लिहाजा, हमने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। 82 साल के अनंतमूर्ति के परिवार में उनकी पत्नी एस्थर, एक बेटा और एक बेटी है। उन्हें 1998 में पदम भूषण से नवाजा गया। साल 1994 में उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार एवं 1984 में कर्नाटक के राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह 1980 के दशक के अंतिम सालों के दौरान केरल की महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रहे थे। 21 दिसंबर 1932 को जन्में यू आर अनंतमूर्ति का पूरा नाम उडुपी राजगोपालाचार्य अनंतमूर्ति था।
समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले अनतंमूर्ति ने एक बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा का भी चुनाव लड़ा था पर असफल रहे थे। खासकर भाजपा और संघ परिवार के खिलाफ अपने विचार व्यक्त करने को लेकर वह अक्सर विवादों में घिर जाते थे। अभी हाल ही में उन्होंने मोदी के बारे में अनंतमूर्ति ने कहा था कि उनके सत्ता में आने से हमारी सभ्यता में बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा था, मेरा मानना है जब धौंस होगी तो हम धीरे-धीरे अपने लोकतांत्रिक अधिकार या नागरिक अधिकार खो सकते हैं। पर उससे भी ज्यादा यह है कि जब धौंस होगी तो हम कायर हो जाते हैं।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, मोदी और अनंतमूर्त के विवाद के बारे में-
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