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डिजिटल सोसायटी पर जोर दे रही है रिलायंस JIO

कंपनी की जियो मैग में 10 भाषाओं की 200 से अधिक पत्र-पत्रिकाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

डिजिटल सोसायटी पर जोर दे रही है रिलायंस JIO
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नई दिल्ली. रिलायंस जियो 4जी फ्री सर्विस लागू करने के बाद से सिर्फ टेलीकॉम कंपनी बनकर नहीं रहना चाहती है बल्कि जियो की नजर डिजिटल सोसायटी पर भी है। कंपनी की टीमें इसी तरह के भविष्योन्मुखी डिजिटल समाधानों की तैयारी में जुटी हैं। डिजिटल सोसायटी से पैदा होने वाले कारोबारी अवसरों पर जोर दे रही है।
कंपनी प्रबंधन का मानना है कि आने वाले दिनों में दूरसंचार उद्योग में वायस कॉल व इसका शुल्क बेमानी हो जाएगा। सारा खेल इंटरनेट, डेटा व इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) का होगा और जियो का सारा ध्यान इसी पर है। रिलायंस जियो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार के डिजिटल इंडिया पर जोर देने और लोगों में स्मार्टफोन का बढ़ता प्रचलन एक नई डिजिटल अर्थव्यवस्था खड़ी करेगा जिसमें वह बड़ी हिस्सेदारी हासिल करना चाहेगी।
यही कारण है कि रिलायंस जियो की टीम परंपरागत टेलीफोनी या मोबाइल समाधानों से ऐसे समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो भविष्य में उपभोक्ताओं के बात करने ही नहीं बल्कि जीने के ढंग को ही बदल दे। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि उनका एक ऐसा ही उत्पाद एफटीटीएच प्रौद्योगिकी आधारित इंटरनेट सेवा है। इस हाईस्पीड इंटरनेट की स्पीड एक जीबीपीएस तक होगी जो कुछ एमबीपीएस तक स्पीड वाले मौजूदा माहौल में कल्पनातीत है।
एक जीबी प्रति सेकंड डाटा डाउनलोड की रफ्तार एक एमबीपीएस की 1000 गुणा होती है। उन्होंने कहा कि यह प्रौद्योगिकी किसी आम टीवी को स्मार्ट टीवी में ही नहीं बदलेगी, यह टीवी देखने, गेम खेलने, संगीत सुनने के हमारे तौरतरीकों को बदल देगी। उदाहरण के तौर पर उपभोक्ता रिमोट पर आवाज लगाकर टीवी चैनल बदल सकेगा।
इसी तरह का एक समाधान आइओटी के जरिए किसी आम कार को स्मार्ट कार में बदलने का है। इसके इस्तेमाल से कार से जुड़ी सारी जानकारी उपभोक्ता के मोबाइल पर उपलब्ध होगी। जैसे कार में डीजल-पेट्रोल कितना है या वह कितनी स्पीड पर चल रही है या किस इलाके में है। इस प्रौद्योगिकी से कार कहीं भी हो, अपने स्मार्टफोन के जरिए उसे लाक-अनलाक किया जा सकता है।
अधिकारी ने कहा कि रिलायंस जियो की सेवाओं में टेलीफोनी एक हिस्सा भर है जबकि वह इससे इतर सेवाओं पर ध्यान देते हुए एक पूरा ‘डिजिटल इकोसिस्टम’ यानी डिजिटल वातावरण बनाने की कोशिश कर रही है जहां उपभोक्ताओं को विभिन्न तरह की सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि कंपनी की जियो मैग में 10 भाषाओं की 200 से अधिक पत्र-पत्रिकाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। यानी जियो के ग्राहक इन्हें अपने मोबाइल पर बिना किसी शुल्क के पढ़ सकते हैं।
साभार- नवभारत टाइम्स
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