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भीमा कोरेगांव हिंसा पर बोले जिग्नेश मेवानी, देश में सुरक्षित नहीं हैं दलित-भाजपा को मुझसे डर

भीमा कोरेगांव हिंसा जिग्नेश मेवानी ने कहा कि देश में दलित सुरक्षित नहीं है।

भीमा कोरेगांव हिंसा पर बोले जिग्नेश मेवानी, देश में सुरक्षित नहीं हैं दलित-भाजपा को मुझसे डर
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भीमा कोरेगांव हिंसा के बहाने दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस कर आरएसएस, भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दलित सुरक्षित नहीं है।

जिग्नेश पर एफआईआर दर्ज होने पर मेवानी ने कहा कि मेरे भाषण का एक भी शब्द भड़काऊ नहीं था, मुझे अभी लक्षित किया जा रहा है, मेरे भाषण का कोई हिस्सा उत्तेजक या उत्तेजक नहीं था।

जिग्नेश ने कहा कि संघ परिवार और भाजपा के सदस्यों का मेरी छवि को धूमिल करने और मुझे लक्षित करने का एक बचकाना प्रयास है। यह गुजरात के परिणामों के बाद है और यह भी है क्योंकि उन्हें 201 9 के बारे में डर लग रहा है।

जिग्नेश मेवाणी की बढ़ी मुश्किलें

बता दें कि महाराष्ट्र के कोरेगांव में चार दिन से जारी जातीय हिंसा के बाद बुधवार को महाराष्ट्र पुलिस ने दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और छात्र नेता उमर खालिद पर सेक्शन 153(A), 505, 117 के तहत FIR दर्ज कर 300 लोगों को हिरासत में ले लिया है, साथ ही 16 प्राथमिकी भी दर्ज की है।

भीमा कोरेगांव जातीय झड़पों के खिलाफ बुधवार को बंद की घोषणा की गई थी। जिले में तनाव के मद्देनजर कोल्हापुर में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित की गई। एमएसआरटीसी के अधिकारियों ने बताया कि बंद के दौरान राज्यभर में प्रदर्शनकारियों के हमले में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की करीब 200 बसें क्षतिग्रस्त हुई थी।

16 पर FIR - 300 लोग हिरासत में

पुलिस ने बताया कि मुंबई में विभिन्न पुलिस थानों में 16 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 300 से अधिक संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है। कोल्हापुर, जो समाज सुधारक दिवंगत छत्रपति साहू महाराज का गृह जिला है, वहां प्रदर्शनकारियों ने निगम की 13 बसों पर हमला किया था।

एक अधिकारी ने बताया कि कोल्हापुर जिला पुलिस ने एहतियाती तौर पर गुरुवार देर रात तक के लिए इंरटनेट सेवाएं निलंबित कर दी। दलित समूहों ने बुधवार को जिले में प्रदर्शन किए थे जिसके जवाब में शिवसेना विधायक राजेश क्षीरसागर के नेतृत्व में रैलियां की गईं।

आरएसएस के कार्यालय पर हमला

पुलिस ने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के परभणी जिले में आरएसएस के कार्यालय पर हमला किया गया था। परभणी पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने आरएसएस विरोधी नारे लगाए। उन्होंने बताया कि संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

पुलिस ने बताया कि राज्य के श्रम मंत्री संभाजी पाटिल निलंगेकर के लातूर जिले स्थित गृह नगर निलंगा में करीब 40 दो पहिया वाहनों और 10 से 12 चार पहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। एक जनवरी को पुणे जिले में हुई हिंसा के बाद बंद की घोषणा की गई थी।

भीमा-कोरेगांव युद्ध का इतिहास

पुणे जिले में उस समय हिंसा भड़क उठी जब दलित संगठन भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिरह मना रहे थे। इस युद्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना ने पेशवा की सेना को हरा दिया था।

दलित नेता ब्रिटिश जीत का जश्न मनाते हैं क्योंकि उनका मानना है कि उस समय अछूत माने जाने वाले महार समुदाय के सैनिक कंपनी की सेना का हिस्सा थे। पेशवा ब्राह्मण थे और इस लड़ाई को दलित की जीत का प्रतीक माना जाता है।

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