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जयललिता के वो 5 फैसले जो और कोई नहींं ले सकता था

उन्होंने महिला थाने खुलवाए और वहां सिर्फ महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की

जयललिता के वो 5 फैसले जो और कोई नहींं ले सकता था
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चेन्नै. 1991 में करुणानिधि को हराने के बाद जयललिता पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी थीं। तब से अब तक वह चाहे सत्ता में रहीं या विपक्ष में, लेकिन तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य पर लगातार छाई रहीं। उनके बिना वहां की सियासत की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। जयललिता के बारे में एक जो सभी जानते थे कि अम्मा जो कहती हैं वो करके दिखाती हैं। आज आपको उनके पांच ऐसे फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो उनके अलावा और कोई शायद न ले पाता -
1. सत्ता में आने पर 21 जून, 2001 को जयललिता ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी करुणानिधि को रात दो बजे घसीट कर जेल में बंद करवा दिया था। कैमरे में कैद हुई इस घटना की तस्वीरों को पूरे देश ने देखा जिसपर काफी हंगामा हुआ। बाद में करुणानिधि को रिहा कर दिया गया।
2. जयललिता ने 2001 में मंदिरों में जानवरों की बलि पर भी रोक लगा दी, लेकिन 2004 के लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद उन्हें अपना यह फैसला बदलने को मजबूर होना पड़ा।
3. प्रदेश में पहली बार महिला थाने खुलवाने का श्रेय भी जयललिता को जाता है। उन्होंने महिला थाने खुलवाए और वहां सिर्फ महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की।
4. 2013 में जयललिता ने गरीब लोगों को रियायती दर पर खाना उपलब्ध कराने के लिए 'अम्मा कैंटीन' की शुरुआत की। इस कैंटीन में एक रुपए में इडली, तीन रुपए में दो चपाती, पांच रुपए में एक प्लेट 'सांभर-लेमन राइस' या 'कर्ड-राइस' दिया जाता है।
5. 2016 में जयललिता ने शराबबंदी के अपने चुनावी वादे को निभाते हुए पहले चरण में राज्य में शराब की 500 रीटेल शॉप बंद करने का बड़ा फैसला लिया।
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