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करोड़ों की अम्मा का कोई नहीं था इस दुनिया में ''अपना''

बेटे की शाही शादी से नाराज हो गया था परिवार

करोड़ों की अम्मा का कोई नहीं था इस दुनिया में अपना
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चेन्नै. जे जयललिता बीते 2 महीने से भी ज्यादा समय से चैन्ने के अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। करोड़ों लोगों के लिए अम्मा का अपना कोई रिश्तेदार नहीं बचा था। जब जयललिता अस्पताल में थीं तो उनसे उनके परिवार वालों में से कोई भी मिलने नहीं आया। लेकिन हजारों समर्थक अस्पताल के बाहर पूरी रात उनकी सेहत की कामना करते दिखाई दिए। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, यहां तक की जया के भाई की बेटी ने अस्पताल में एक बार उनसे मिलने की कोशिश भी की मगर पुलिस ने अंदर नहीं घुसने दिया।
आमतौर पर हर किसी के अंतिम समय पर उसका पूरा परिवार उसके साथ होता है लेकिन अम्मा कहीं न कहीं खुद को बेहद अकेला समझती थी। सूत्रों की माने तो जयललिता के भाई जयकुमार की बेटी दीपा ने हॉस्पिटल पहुंचकर जब पुलिसवालों को बताया कि वह कौन हैं, तो भी उन्हें जया से मिलने की इजाजत नहीं मिली। साल 2014 में भी दीपा और उनके पति माधवन ने जया के जेल से छूटने पर उनसे मिलने की कोशिश की थी। दोनों जया के घर के बाहर 2 घंटे तक खड़े रहे। दीपा ने बताया 'उनसे बात करने और उन तक पहुंचने में दिक्कतें थीं, मैं नहीं जानती ये रुकावटें क्यों आईं?'
बेटे की शाही शादी से नाराज हो गया था परिवार
जयललिता ने अपना बचपन मैसूर में बिताया। इसके बाद वह चेन्नै गईं जहां उनकी मां का परिवार उनके संपर्क में था। यहां तक सब अच्छा था। साल 1995 में जब जया ने अपने दत्तक पुत्र वी.एन सुधाकरन की शाही शादी में पानी की तरह पैसा बहाया तो जया का परिवार उनसे नाराज हो गया। बाद में जया के अपने बेटे के साथ रिश्ते भी खराब हो गए।
अपने मामा की करीबी थीं अम्मा
जयललिता अपने मामा श्रीनिवासन की बेहद करीबी थीं। जया उन्हें प्यार से 'चीनी मामा' कहा करती थीं। उनकी मौसी अंबुजा और मौसा कन्ना का कोई बच्चा नहीं था। इसलिए ये दोनों काफी सालों तक जया के साथ ही रहते थे। दीपा ने बताया कि 'परिवार के लोग कई खास मौकों पर मिलते थे। कुछ लोग साल 2012 में मेरी शादी में भी शामिल हुए लेकिन जयललिता नहीं आईं।'
दीपा ने लंदन से पढ़ाई की है और उनके भाई दीपक ने अमेरिका से एमबीए किया है। दीपक फिलहाल चेन्नै में ही बिजनस कर रहे हैं। दीपक भी कई कोशिशें करने के बावजूद जयललिता से नहीं मिल सके।
जयललिता आखिरी बार दीपा के घर साल 1995 में गई थीं। जब दीपा के पिता का देहांत हुआ था, लेकिन वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुईं। इसके बाद साल 2013 में दीपा की मां के गुजरने पर भी जया उनके घर नहीं गईं। दीपा ने बताया 'मैंने उनसे रिश्ते बनाए रखने के लिए बहुत कोशिश की। मैंने उनसे मिलना चाहा लेकिन उसकी मंजूरी नहीं मिली। इसकी वजह स्थितियां थीं या उनके आसपास के लोग? हो सकता है उनके पास समय न रहा हो।'
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