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''अम्मा'' के गम में अब तक 470 लोगों की गई जान: AIADMK

पार्टी ने मृतकों के परिवारों के लिए तीन लाख रूपये की मदद की घोषणा की है।

अम्मा के गम में अब तक 470 लोगों की गई जान: AIADMK
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चेन्नई. तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद कथित तौर पर सदमे से हुई मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने आज कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख जे जयललिता के निधन के सदमे से 470 लोगों की मौत हो गई। AIADMK ने रविवार को दावा किया कि 'अम्मा' की बीमारी और फिर देहांत की खबर सुनकर दुख और सदमे के चलते जान गंवाने वालों की संख्या 470 हो गई है। शनिवार को ही पार्टी ने 280 लोगों की मौत होने की बात कही थी। एक ही दिन में यह आंकड़ा बढ़कर 470 हो गया है। AIADMK ने 5 दिसंबर तक 203 लोगों की सूची भी जारी की थी जिनकी मौत कथित तौर पर इस वजह से हुई है।
जयललिता की मौत पांच दिसंबर को हो गई थी। पार्टी ने मृतकों के परिवारों के लिए तीन लाख रूपये की मदद की घोषणा की है। पार्टी ने ऐसे 190 लोगों की सूची जारी की है जिनकी मौत सदमे के कारण हुई और कहा है कि सदमे के कारण हुई मौत का आंकड़ा 470 है। पार्टी ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए तीन लाख रूपये के कल्याण कोष की घोषणा की है।
अन्नाद्रमुक ने आज कहा कि अब तक छह लोग आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। ऐसे चार लोगों का ब्यौरा भी जारी किया है। जयललिता के निधन की खबर सुनने पर आत्महत्या की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति और अपनी उंगली काटने वाले एक अन्य व्यक्ति का नाम पार्टी पहले ही बता चुकी है और उनके लिए 50,000 रूपये की मदद की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने आज चार लोगों को उनके उपचार के लिए 50,000 रूपये की मदद देने की घोषणा की।
गौरतलब है कि चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता का सोमवार रात 11.30 बजे निधन हो गया था। अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में रखा गया। जयललिता को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों लोग पहुंचे थे। तमिलनाडु कैबिनेट ने 10 दिसंबर को फैसला किया कि वह जयललिता के नाम की सिफारिश ‘भारत रत्न’ सम्मान के लिए करेगी। जयललिता के निधन के बाद मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में कैबिनेट ने संसद परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की सिफारिश केंद्र सरकार से करने का फैसला भी किया।
राज्य सरकार ने एमजी रामचंद्रन स्मृति स्थल पर दिवंगत जयललिता के लिए एक स्मृति भवन के निर्माण का भी प्रस्ताव किया। जयललिता का अंतिम संस्कार एमजी रामचंद्रन स्मृति स्थल पर किया गया। बयान के मुताबिक, कैबिनेट ने स्मारक का नाम डॉ. पुरात्ची तलाइवार एमजीआर और पुरात्ची तलाइवी अम्मा सेल्वी जे जयललिता स्मारक रखने का भी फैसला किया।
मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम की डेस्क पर भी दिवंगत जयललिता की छोटी सी प्रतिमा रखी है। कैबिनेट ने जयललिता के निधन पर शोक व्यक्त करने वाला एक प्रस्ताव भी पारित किया।
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