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जापान में भी लेट होती है बुलेट ट्रेन, भारत में ऐसे कैसे होगी कामयाब !

फ्रांस के नाम सबसे तेज बुलेट ट्रेन दौड़ाने का रिकॉर्ड है।

जापान में भी लेट होती है बुलेट ट्रेन, भारत में ऐसे कैसे होगी कामयाब !
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दुनिया के बाकी देशों की तरह अब भारत में भी बुलेट ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मिलकर अपने ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन की नींव रखी है। अपनी दो दिनों की यात्रा पर भारत आए जापान पीएम और उनकी पत्नी का जोरदार स्वागत किया गया।

बता दें कि अब जापान के सहयोग से भारत जमीनी यातायात के इस सबसे तेज साधन का इस्तेमाल करेगा। वर्तामान समय में हाई स्पीड बुलेट ट्रेन ज्यादातर यूरोपीय देशों में दौड़ रही हैं।

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बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, इटली, चीन, फ्रांस, जापान, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, ताइवान, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और उजबेकिस्तान में बुलेट ट्रेनें दौड़ रही हैं। खास बात यह है कि केवल यूरोप में ही बुलेट ट्रेन देश की सीमाओं से पार जाती हैं।

बताते चले की सबसे पहले जापान ने बुलेट ट्रेन को दौड़ाया था। दुनिया में 1964 में पहली बार बुलेट ट्रेन धरती पर चलाई गई थी। जापान अपनी कई खूबियों के लिए दुनिया में मशहूर है। यहां का हाईस्पीड रेल नेटवर्क लाजवाब है।

जापान की खूबियों में यहां की बुलेट ट्रेन भी शामिल है, जो सिर्फ एक घंटे में 200 से 250 किमी का सफर तय करती है।

चीन दुनिया में बुलेट ट्रेन का जाल बिछाने में सबसे आगे

वहीं चीन भी दुनिया में बुलेट ट्रेन का जाल बिछाने में सबसे आगे है, चीन ने दिसबंर 2016 तक 22000 किलोमीटर तक की दूरी के लिए बुलेट ट्रेन का जाल बिछा चुका है।

मिली जानकरी के मुताबिक ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के मामले में सबसे आगे जर्मनी हुआ करता था। जर्मनी ने 23 अक्टूबर 1903 को 206.7 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई थी।

फ्रांस के नाम है सबसे तेज बुलेट ट्रेन दौड़ाने का रिकॉर्ड

1955 से अब तक के रिकॉर्ड के अनुसार फ्रांस ने सबसे तेज रफ्तार से बुलेट ट्रेन को दौड़ाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। जबकि फ्रांस ने 2007 में 574.8 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ाई थी। वहीं 21 अप्रैल 2015 में नॉन पैसेंजर ट्रेन को 603 किलोमीटर प्रतिघंटा के रफ्तार से दौड़ाया गया है।

जापान में बुलेट ट्रेन होती है लेट

जापान में अगर बुलेट ट्रेन के परिचालन में पांच मिनट की देरी हो जाती है तो उसे डिले सर्टिफिकेट दिया जाता है। जापान में बुलेट ट्रेन के परिचालन में 0.6 मिनट की देरी एवरेज है।

बुलेट ट्रेन खराब मौसम, जिसमें कोहरा, बारिश के होने के कारण लेट हो जाती है। ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को प्रिंट आउट के जरिए ट्रेन के लेट होने का सर्टिफिकेट दिया जाता है जिसे यात्री अपने कार्यालय या फिर बैंक स्कूल आदि जगहों पर दिखा सकते हैं।

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