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अरुण जेटली ने न्यूनतम मजदूरी 350 रु. का किया ऐलान

सरकार के इस फैसले से करीब 33 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा।

अरुण जेटली ने न्यूनतम मजदूरी 350 रु. का किया ऐलान
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नई दिल्ली. मजदूरों को बड़ी सौगात देते हुए केंद्र सरकार ने सलाहकार बोर्ड की सिफारिश को स्वीकार कर गैर-कृषि कार्यों में लगे र्शमिकों की न्यूनतम मजदूरी 246 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय कर्मचारियों को 2014-15 और 2015-16 के बकाये बोनस का भी भुगतान किए जाने का ऐलान किया।
यह बोनस 7वें वेतन आयोग के मुताबिक संशोधित दरों पर दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से करीब 33 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 31 अगस्त को केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में बढ़ा हुआ वेतन और सात महीने का बकाया आएगा। सरकार इस कोशिश में भी है कि 50 लाख के करीब पेंशनर्स को भी नई व्यवस्था के हिसाब से बढ़ा हुआ पेंशन और बकाया पहली सितंबर तक मिल जाए।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें पहली जनवरी से लागू मानी गई है। हर दस साल के बाद लागू होने वाली नई वेतन व्यवस्था में केंद्रीय कर्मियों के मूल वेतनमान में बढ़ोतरी 14.2 फीसदी से 23.4 फीसदी के बीच है। हालांकि अभी तमाम भत्ते पुरानी व्यवस्था के हिसाब से ही मिलते रहेंगे, क्योंकि इनमें फेरबदल पर सुझाव देने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जिनकी सिफारिशें आने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला होगा। नए मूल वेतन में महंगाई भत्ते को मिला दिया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो नए वेतनमान में महंगाई भत्ता शून्य हो गया है।
महंगाई भत्ते में हर साल दो बार फेरबदल होता है, एक, पहली जनवरी से और दूसरा पहली जुलाई से। अब उम्मीद है कि अगले महीने नए महंगाई भत्ते का ऐलान कर दिया जाए जिससे त्योहारों के समय कर्मचारियों को अतिरिक्त पैसा मिल सके।
वैसे तो केंद्रीय कर्मियों को सात महीने का एकमुश्त बकाया दिया जा रहा है, लेकिन छठे वेतन आयोग से तुलना करे तो बकाया काफी कम बनता है। चूंकि छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सिफारिशों पर अमल आने में दो साल से भी ज्यादा का वक्त लग गया था, इसीलिए केंद्रीय कर्मियो को लाखों रुपये बकाया मिले थे। बहरहाल, जो-जो कर्मचारी इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं, उन्हे बकाये का भुगतान 10 से लेकर 30 फीसदी की दर पर इनकम टैक्स काटने के बाद ही बकाया मिलेगा। जो केंद्रीय कर्मी जनरल प्रॉविडेंट फंड यानी जीपीएफ में योगदान करते हैं, उनके लिए ये देखा जाएगा कि हर महीने नए मूल वेतन का कम से कम छह फीसदी जरुर जमा हो।
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