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भुवनेश्वर: बेरोजगारों को ट्रेनिंग दिलाने की आड़ में करोड़ों की ठगी

भुवनेश्वर की आईटीएसपीएल कंपनी ने स्केलिंग टेक एजूकेशन एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से एक करोड़ रुपए 15 लाख रुपए ठग लिए।

भुवनेश्वर: बेरोजगारों को ट्रेनिंग दिलाने की आड़ में करोड़ों की ठगी
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भुवनेश्वर की आईटीएसपीएल कंपनी ने केंद्र सरकार की योजना के तहत बेरोजगारों को ट्रेनिंग दिलाने के एवज में 9 करोड़ 68 लाख रुपए देने का झांसा देकर स्केलिंग टेक एजूकेशन एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों से एक करोड़ रुपए 15 लाख रुपए ठग लिए।

अक्टूबर 2017 को आरोपी डायरेक्टरों ने स्केलिंग टेक एजूकेशन एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 4 कोर्स की ट्रेनिंग का एग्रीमेंट किया। उसके बाद पीड़ित डायरेक्टरों ने ट्रेनिंग कर रहे 11 हजार 571 बेरोजगारों से एक-एक हजार रुपए के हिसाब से वसूली कर आईटीएसपीएल कंपनी के अकाउंट में जमा किए।

आरोपी डायरेक्टरों ने उन्हें 9 करोड़ 68 लाख रुपए के चेक दिए, लेकिन सभी चेक बैंक में बाउंस हो गए। उसके बाद स्केलिंग टेक कंपनी के डायरेक्टर बसंत वर्मा ने सिविल लाइंस पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने आरोपी डायरेक्टर जगन्नाथ दास, अशोक दास और लक्ष्मण दास और स्टेट कोआर्डिनेटर योगेंद्र बारिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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सितंबर में फैलाया ठगी का जाल

पुलिस के मुताबिक आईटीएसपीएल कंपनी का कोलकाता, भुवनेश्वर और गुंजाम में ऑफिस है। डायरेक्टर जगन्नाथ ने सितंबर 2016 में रजबंधा मैदना स्थित एक भवन में कंपनी का दफ्तर खोलकर ठगी का जाल बिछाया।

आरोपी योगेंद्र बारिक को छत्तीसगढ़ का कोआर्डिनेटर नियुक्त किया। योगेंद्र ने स्केलिंग टेक एजूकेशन एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटड के डायरेक्टर राजधानी विहार कॉलोनी निवासी बसंत वर्मा, शमीम शेख और संदीप साव से संपर्क कर कंपनी की पॉलिसी बताकर झांसे में लिया।

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राज्यभर में खुला थे 16 ट्रेनिंग सेंटर

पुलिस के मुताबिक आरोपी डायरेक्टरों ने 8, 6, 3 और एक महीने के चार कोर्स का एग्रीमेंट किया। इसमें मल्टी मीडिया, सीसीए, बीपीओ और हार्डवेयर कोर्स शामिल थे। एग्रीमेंट के बाद पीड़ित डायरेक्टर बसंत वर्मा समेत तीनों ने राज्यभर में 16 ट्रेनिंग सेंटर खोला।

उसके बाद निशुल्क प्रवेश शुरू किया। कुछ ही महीनों में ट्रेनिंग सेंटर में 11 हजार 571 बेरोजगारों की संख्या हो गई। ट्रेनिंग के दौरान बसंत ने उनसे एक-एक हजार रुपए वसूल कर आईटीएसपीएल कंपनी के अकाउंट में जमा कर दिया।

52 चेक हो गए बाउंस

पुलिस के मुताबिक आरोपी डायरेक्टर जगन्नाथ दास ने एक करोड़ 15 लाख रुपए लेने के बाद पीड़ित बसंत वर्मा को 52 चेक दिया था। एक-एक कर वह बैंक में चेक जमा करता गया और चेक बाउंस होता गया। इसकी जानकारी देने पर जगन्नाथ उसे जल्द पैसे वापस करने का झांसा देता रहा।

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