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वार्ता से सुलझ सकते हैं सभी मुद्दे: मोदी

दो दिनी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल के वरिष्ठ मंत्री शिरकत कर रहे हैं।

वार्ता से सुलझ सकते हैं सभी मुद्दे: मोदी

नई दिल्ली. भगवान बुद्ध के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगाव छिपा नहीं। विश्व शांति के लिए वे अंतर्राष्ट्रीय मंचों से भी बुद्ध और उनके उपदेशों की प्रासंगिकता को आज के संदर्भ में तथ्यपरक बताते रहे हैं। गुरुवार को विवेकानंद फाउंडेशन में बुद्ध से जुड़े अपने प्रिय विषय पर प्रधानमंत्री को बोलने का मौका मिला तो नामचीन चुनिंदा बुद्ध अनुयायियों के बीच खूब बोले।

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विश्व के अनेक हिस्से में अतिवादी ताकतों की हिंसा के तांडव और पर्यावरण को हो रहे भारी नुकसान को एकदूसरे का पूरक मानते हुए प्रधानमंत्री ने इसे मानव सभ्यता के लिए बेहद असभ्य बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस देश ने भी बौद्ध सभ्यता को अपनाया वहां शांति के साथ विकास ने रफ्तार पकड़ी है।
फाउंडेशन की ओर से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने गुरुवार को किया। शुक्रवार को सुषमा स्वराज का इसी विषय पर अघ्यक्षीय भाषण होना है। प्रधानमंत्री के सुबह के भाषण के बाद इसी कार्यक्रम में शिरकत करने आईं श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने नरेंद्र मोदी से शाम को अलग से मुलाकात बात की।
दो दिनी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल के वरिष्ठ मंत्री शिरकत कर रहे हैं। इनके साथ श्रीश्री रविशंकर और इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांफेडेरेशन के अध्यक्ष लामा लेबसांग और सैकड़ों बुद्धिस्ट प्रतिनिधि भी शामिल हैं। लगभग 100 बुद्ध धर्मावलंबियों के साथ पीएम का शनिवार को बिहार की बोधगया यात्रा प्रस्तावित है। सम्मेलन में बिना किसी देश का नाम लिए प्रधानमंत्री ने नृशंस मानवीय हत्याओं में लगे हुए अतिवादी शक्तियों की जमकर मुखालफत की।
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